पटना | हमारे संवाददाता
बिहार की नई NDA सरकार ने खनन नीति में कोई बदलाव न करने की नीति अपनाने की घोषणा की है और कहा है कि जो भी अवैध खनन के बारे में जानकारी देगा, सरकार उसे योद्धा मानते हुए दस हजार रुपये का इनाम देगी।
पटना में मंगलवार (9 nov) को हुई प्रेस वार्ता में कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से बनाई गई खनन नीति में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा और अवैध खनन–परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी, पदाधिकारी और मंत्री बदलते रहेंगे, लेकिन सरकार की नीति नहीं बदलेगी। अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी जमीन की मिट्टी अपने निजी उपयोग के लिए ले जाता है, तो विभाग की ओर से उसे कोई परेशान नहीं किया जाएगा। सरकार जनता को नहीं, बल्कि अवैध कारोबारियों को निशाना बना रही है।
चुनाव के दौरान हुए अवैध खनन पर ऐक्शन
विजय सिन्हा ने बताया कि चुनाव के दौरान खनन से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई थीं। इस पर जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी। कई जिलों में FIR भी दर्ज हुई है। हम जल्द ही इन सभी मामलों की समीक्षा करके दोषियों पर एक्शन लेंगे।
थाना प्रभारियों की मिलीभगत पाई गई तो ऐक्शन
विजय सिन्हा ने साफ कहा कि कई जगहों पर थाना प्रभारियों की मिलीभगत की शिकायतें मिली हैं, और ऐसी किसी भी भूमिका पर अब कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रिकॉर्ड स्तर पर राजस्व वसूली
खनन विभाग ने साल 2024–25 में 3536 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया है, जो विभाग के अब तक के बेहतर प्रदर्शन में से एक है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में खनन विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद दुगल ने जानकारी दी कि भारत सरकार अगले चरण में 7 मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी करने जा रही है। उन्होंने कहा कि दक्षिण बिहार में सबसे अधिक मिनरल ब्लॉक्स की पहचान की गई है।

