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गंगा नदी में वोटिंग करते हुए इफ्तारी करने पर 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी, विपक्ष ने UP पुलिस पर सवाल उठाए

पुलिस ने वोटिंग के दौरान इफ्तारी करने वाले 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर लिया, गंगा नदी में वोटिंग करके बनाई थी रील (इनसेट)।

नई दिल्ली |  गंगा में नाव पर रोजा इफ्तार करने पर यूपी पुलिस ने 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तारी किया है। ये सभी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं और अब यूपी पुलिस ने इस युवकों पर जबरन वसूली (Extortion) की धारा भी लगा दी है। वाराणसी में हुई इस घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा है कि क्या गंगा पर रोजा इफ्तार नहीं कर सकते? उन्होंने दावा किया कि गंगा में एक फाइव स्टार जहाज चला था,  जिसमें शराब बटी थी। उन्होंने पूछा है कि उस जहाज के मालिक के ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं की गई थी?

उधर, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने तंज किया है कि यूपी पुलिस कानून के दुरुपयोग का कीर्तिमान बनाना चाहती है।

दूसरी ओर, भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि गंगा की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वाराणसी पुलिस ने इन मुस्लिम युवकों के ऊपर कड़ी धाराएं बढ़ा दी हैं, जिसके बाद ईद के दिन इस घटना ने चर्चा पकड़ ली। सोशल मीडिया पर लोग इसमें प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

वाराणसी के ACP विजय प्रताप ने कहा है कि BNS की धारा 308 इसलिए जोड़ी गई है क्योंकि वोट चालक ने अपने बयान में दावा किया है कि आरोपियों ने धमकी देकर मोटर वोट का कंट्रोल अपने पास कर लिया था।

इस मामले पर अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने 21 मार्च के संपादकीय में यूपी पुलिस की कड़ी आलोचना की है।

अखबार ने लिखा है कि गंगा नदी पर किसी एक धर्म का अधिकार नहीं है, किसी समुदाय के साथ नदी को लेकर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।

बता दें कि यह घटना 15 मार्च की है। गंगा नदी में वोट पर बैठे एक ही परिवार के 14 युवकों ने इफ्तार किया और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दी और 17 मार्च को इन युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस ने इन युवकों को बेल न देने के अदालत के आदेश की भी आलोचना की है।

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