नई दिल्ली | एक अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने देश के नाम संबोधन देते हुए कहा कि अभी दो से तीन सप्ताह में अमेरिका ईरान से बाहर निकल सकता है। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान पर ‘बड़ा हमला’ करेगा और उसे ‘पाषाण युग में पहुंचा देगा’।
इस पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिकी जनता को खुला पत्र लिखकर संबोधित किया है। जिसमें कहा गया है कि ईरानी जनता अमेरिकी लोगों के प्रति कोई दुश्मनी नहीं रखती है। खत में उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर ईरान के खिलाफ “इजरायल के प्रॉक्सी के रूप में लड़ने का आरोप लगाया है।
उधर, चीन ने भी ट्रंप के बयान पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के आवाजाही में रुकावट का मुख्य कारण ‘ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इसराइल के अवैध सैन्य अभियान’ हैं।
युद्ध को लेकर इसे चीन का अब तक का सबसे सख्त बयान माना जा रहा है। गौरतलब है कि चीन ने हाल में पाक के साथ मिलकर पीस प्लान पेश किया है।
