नई दिल्ली | अमेरिका में सप्ताहांत (week end) पर युद्ध के खिलाफ 80 लाख लोग सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ नो किंग प्रदर्शन किया। लेकिन इस दवाब के बावजूद रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दे दिए कि वे ईरान का तेल लेकर रहेंगे।
ब्रिटिश अखबार ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दे दिए कि वे ईरान के खर्ग आइसलैंड को कब्जा सकते हैं जहां से ईरान का तेल इंपोर्ट होता है।
उन्होंने कहा कि
“अमेरिका में मूर्ख लोग मुझे ऐसा करने से मना कर रहे हैं लेकिन ईरान में मेरी फेवरेट चीज़ तेल है। इसके लिए हम खर्ग द्वीप ले भी सकते हैं और नहीं भी।”
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि ट्रंप शांति संदेश की आड़ लेकर सेना भेज रहे हैं। साथ ही चेताया कि उनकी सेना के लिए ईरानी सेना तैयार खड़ी है।
ईरान युद्ध पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर गया है और अमेरिका लगातार मिडिल ईस्ट में अपनी सेना बढ़ा रहा है, जिससे जंग के खत्म होने की उम्मीद कम लग रही है।
उधर, शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद में सऊदी अरब, मिस्त्र व तुर्किये के विदेेश मंत्री इकट्ठे हुए। मगर ट्रंप की जमीनी हमले की धमकी ने पाकिस्तान के प्रयास पर सवाल उठा दिए हैं।

