- 15 अगस्त 2024 को सत्ता से बेदखल होने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं।
नई दिल्ली |
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT) ने सोमवार की दोपहर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मामलों में मौत की सजा सुनाई है।
विशेष ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में माना कि पिछले साल हुए छात्र प्रदर्शन को कुचलने के लिए शेख हसीना की सरकार ने जो हिंसक कार्रवाइयां कीं, उसके लिए वह मानवता के खिलाफ अपराधों की दोषी हैं।
तीन सदस्यीय पीठ ने पूर्व पीएम शेख हसीना के अलावा, उनकी सरकार के गृह मंत्री (Home Minister) असदुज्जमान खान कमाल और पुलिस महानिरीक्षक (IG) चौधरी अब्दुल्लाह अल-मामून को भी हत्या, यातना और उत्पीड़न जैसे अपराधों का दोषी पाया है।
इसमें हसीना सरकार के गृहमंत्री ने भी देश छोड़ दिया है। जबकि IG सरकारी गवाह बन चुके हैं।
यह फैसला हसीना की गैर मौजूदगी में उनके खिलाफ महीनों चले मुकदमे के बाद आया है। वे 15 अगस्त 2024 को सत्ता से बेदखल होने के बाद से भारत में रह रही हैं।
हसीना ने राज्य तंत्र का दुरुपयोग
ट्रिब्यूनल ने कहा कि इन अपराधों की योजना हसीना के कार्यालय से बनाई गई थी और इसे लागू करने के लिए राज्य तंत्र का दुरुपयोग किया गया।
लोगों ने जश्न मनाया
बांग्लादेश टेलीविज़न पर ट्रिब्यूनल के फ़ैसले की घोषणा का सीधा प्रसारण किया गया। हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद लोगों ने जश्न मनाया, हालांकि आवामी लीग की ओर से कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं। बांग्लादेश में फैसले को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
453 पन्नों का फैसला
यह फैसला 453 पन्नों का है जिसे दोपहर 12:30 बजे से विशेष ट्रिब्यूनल के जजों ने छह भागों में सुनाया।
शेख हसीना के वकील क्या बोले
फैसले के बाद हसीना के वकील अमीर हुसैन ने मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह एक “कंगारू कोर्ट” का परिणाम है। उन्होंने कहा, “यह फैसला अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा नहीं करता और इसे चुनौती दी जाएगी।” हसीना की पार्टी अवामी लीग ने भी फैसले को बदले की कार्रवाई बताया। इस पार्टी को बांग्लादेश में चुनावी राजनीति से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
क्या बोली अंतरिम सरकार
बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के कानून मंत्री आसादुज्जमन खान ने कहा कि यह फैसला “न्याय की जीत” है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे भारत से हसीना के प्रत्यर्पण के लिए बातचीत करेंगे, लेकिन यह प्रक्रिया समय ले सकती है।”

