- बेगूसराय के बरियाही गांव के महादलित परिवार बेघर होने की कगार पर।
- जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण बताकर 150 परिवारों को नोटिस भेजा।
- आठ फरवरी तक खाली करने का अल्टीमेटम, कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं।
बेगूसराय | धनंजय झा
बिहार में अवैध अतिक्रमण हटाने की ड्राइव चलाई जा रही है, जिसमें वैकल्पिक इंतजाम न किए जाने के बड़ी संख्या में गरीब लोग बेघर हो चुके हैं। इसी कड़ी में बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट के एक गांव के 150 महादलित परिवारों का भविष्य अधर में फंस गया है।
पुलिस प्रशासन की ओर से नोटिस जारी करके उस जमीन को सरकारी बताया गया है और सभी परिवारों को आठ जनवरी तक जगह खाली करने को बोला गया है। इससे परेशान 150 महादलित परिवारों के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम को ज्ञापन देकर मांग की कि उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
चकिया थाना क्षेत्र के बरियाही गांव के पीड़ित परिवारों का कहना है कि उनका परिवार करीब 50 साल से इसी जमीन पर रहता आ रहा है, हालांकि इन परिवारों में से कम परिवारों के पास ही सरकारी कागज हैं।
पर चूंकि उनकी दो से तीन पीढ़ियां इसी जमीन पर रहती आ रही हैं, उनके पास न तो इतना रुपया है और न ही कोई जमीन है कि वे दूसरी जगह पर बस सके। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें बिना किसी इंतजाम के बेघर न किया जाए। पीड़ित परिवारों ने कहा कि एक तरफ सरकार महादलितों को बसाने की बात करती है और दूसरी ओर उन्हें बेघर किया जा रहा है जो बड़ी नाइंसाफी है।
आपको बता दें कि हाल ही में बेगूसराय जिला प्रशासन ने सिमरिया क्षेत्र के बरियाही गांव और आसपास के इलाकों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर अभियान चलाया है। सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया। पर इस पूरी कार्रवाई में वे लोग सबसे ज्यादा प्रताड़ित हो रहे हैं जो सामाजिक रुप से पहले से हाशिये पर जीते आए हैं।
अब देखना होगा कि आठ फरवरी को होने वाली बुलडोजर की कार्रवाई रुकती है या फिर इन गरीबों को फिर अपनी किस्मत के सहारे जीना पड़ेगा।

