भागलपुर | बिहार में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भागलपुर में गंगा नदी पर बने 4.7 किलोमीटर लंबे ‘विक्रमशिला सेतु’ का एक हिस्सा रविवार देर रात भरभराकर नदी में गिर गया।
यह स्थिति तब है जबकि कई सप्ताह से इस पुल के पिलर के तिरछे हो जाने के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर साझा करके इसकी मरम्मत की मांग उठाई जा रही थी। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट करके इस मामले में सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि “भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हो सकता है।”
इस पुल का पिलर कई दिनों पहले ही खिसक चुका था, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे थे फिर भी प्रशासन नहीं चेता।
पुल के जोड़ पर बड़ी दरार के बाद ट्रैफिक रोका
गनीमत रही कि स्लैब गिरने से पहले ही पुल के जॉइंट में बड़ा गैप दिखने पर प्रशासन ने ट्रैफिक रोक दिया था। चश्मदीदों के मुताबिक,
“रात करीब 12:35 बजे पिलर संख्या 133 के पास पुल धंसना शुरू हुआ। देखते ही देखते 34 मीटर का हिस्सा गंगा में समा गया। उस समय पुल पर वाहनों की लंबी कतार थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने जान-माल का नुकसान होने से बचा लिया।”
घटना की सूचना मिलते ही SSP प्रमोद कुमार यादव, सदर SDM विकास कुमार, सिटी DSP अजय कुमार चौधरी और ट्रैफिक DSP संजय कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल ट्रैफिक को डायवर्ट कराया और पुल पर मौजूद लोगों को सुरक्षित हटाया।
लाखों लोगों का संपर्क टूटा
विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच लाइफलाइन माना जाता है। इसके टूटने से सीमांचल के 16 ज़िलों का संपर्क भागलपुर से कट गया है।
रोज़ाना करीब एक लाख लोग और 50 हज़ार वाहन इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल ट्रैफिक को मुंगेर पुल की ओर डायवर्ट किया गया है। नेशनल हाईवे के SDO सुधीर कुमार ने कहा कि नया स्लैब बनाकर चढ़ाने में कम से कम 15 दिन लगेंगे।
मार्च में वीडियो वायरल होने पर हुई थी मरम्मत
इस पुल की मरम्मत पिछले 10 साल में तीन बार हो चुकी है और ताज़ा मरम्मत बीते मार्च में ही पूरी हुई है। प्रशासन ने तब कहा था कि जिस पिलर के तिरछा होने के वीडियो वायरल हो रहे हैं, वह एक अतिरिक्त पिलर है और पुल की स्थिरता में कोई कमी नहीं है।

