नवादा | अमन कुमार सिन्हा
नवादा जिले के नक्सल प्रभावित कौवाकोल प्रखंड के नावाडीह गांव की सपना कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट साइंस परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया है।
सुधीर चौरसिया की छोटी बेटी सपना ने पूरे बिहार में 479 अंक प्राप्त कर यह मुकाम हासिल किया।
सपना ने बताया कि उनकी बुआ कैंसर से पीड़ित थीं और उनके निधन के बाद ही उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उन्होंने संकल्प लिया था कि वे एक दिन डॉक्टर बनकर अपने परिवार और समाज की सेवा करेंगी।
सपना के पिता एक छोटी सी राशन की दुकान चलाते हैं और उसी से अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद, उनके पिता ने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास किया। उनकी मां ने भी कठिनाइयों के बावजूद उन्हें पढ़ाया और कभी मुश्किलों का एहसास नहीं होने दिया।
सपना के दो भाई और दो बहनें हैं। उनके बड़े भाई नौसेना में कार्यरत हैं, जबकि छोटा भाई बीटेक की तैयारी कर रहा है। उनकी बड़ी बहन बीए पार्ट वन में पढ़ रही है। सपना का अंतिम लक्ष्य एक अच्छा डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है।

