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बिहार में हरियाणा जैसा केस: अफसरों पर जाति प्रताड़ना का आरोप लगाकर ट्रेनी सिपाही ने सुसाइड किया

 

नवादा | अमन कुमार सिन्हा

हरियाणा पुलिस के ADGP ने जिस तरह अपने उच्चाधिकारियों पर जाति प्रताड़ना का आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली थी, वैसा ही केस बिहार के नवादा जिले में सामने आया है। यहां एक सिपाही का शव 19 अक्तूबर की सुबह किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला।

सिपाही ने सुसाइड नोट में एसपी से न्याय की गुहार लगाई है और दो अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। यह मामला पुलिस विभाग में व्याप्त कथित जातिवाद को उजागर करने वाला बन गया है।

 

दिवाली की छुट्टी पर नहीं जाने दिया, पत्नी बीमार थी 

नवादा जिले के नगेंद्र नगर में 2021 बैच के सिपाही अमित कुमार (25 वर्ष) ने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के दोस्तों ने इंस्पेक्टर पर गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि छुट्टी मिलने के बावजूद उन्हें जाने नहीं दिया गया, जिससे तनाव में आकर उन्होंने यह कदम उठाया।

घटनास्थल का दृश्य।

मृतक के दोस्त सुमित कुमार ने बताया छुट्टी मिल गई थी, लेकिन सब-इंस्पेक्टर ने इतना प्रताड़ित किया कि अमित टेंशन में डूब गया। पत्नी की तबीयत खराब थी, फिर भी जाने नहीं दिया। व्यक्तिगत काम भी करवाते थे। पूरी लापरवाही इंस्पेक्टर की है!

 

आरोपी इंस्पेक्टर ने भागने की कोशिश की

इस घटना के बाद बाकी सिपाहियों में गुस्सा फैला और आरोपी इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर अपना कमरा छोड़कर भागने की कोशिश की। सुसाइड नोट में उच्च अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक प्रताड़ना और शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

मृतक ने नोट में एसपी से न्याय की गुहार लगाई है और दो अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। यह मामला पुलिस विभाग में व्याप्त कथित जातिवाद को उजागर करने वाला बन गया है।

कमरे में लटकी जवान की लाश का बाहर से फोटो लेने की कोशिश करते लोग।

प्रति नियुक्ति पर ट्रेनिंग ले रहा था सिपाही

अमित कुमार नवादा पुलिस लाइन में कोषांग में था और वर्तमान में पुलिस केंद्र में प्रति नियुक्ति पर प्रशिक्षण ले रहे थे।  सुबह जब सहकर्मी उनके कमरे में पहुँचे, तो शव लटका मिला। एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें अमित ने अपनी मौत का स्पष्ट कारण बताया है।

नोट में लिखा है कि-

“उन्हें लगातार जातिगत भेदभाव का शिकार बनाया गया, मानसिक रूप से तोड़ा गया, और व्यक्तिगत शोषण किया गया। विशेष रूप से 6 अक्टूबर को मांगी गई छुट्टी को नकार दिया गया, छुट्टी मिल गई फिर भी छोड़ नहीं गया।”

इस बिल्डिंग में किराए के कमरे पर रहता था पुलिस का जवान।

 

सुसाइड नोट : ‘इंस्पेक्टर मनोज सिन्हा जबरन घर में सफाई करवाता था’
सुसाइड नोट में अमित ने दो अधिकारियों पर सीधे उंगली उठाई है, सुसाइड नोट के मुताबिक- इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिन्हा कोषांग के प्रभारी उन पर अमित को अपने निजी घर की सफाई-सफाई का काम जबरन करवाने, जातिगत टिप्पणियाँ करने और छुट्टी न देने का आरोप।

सुसाइड नोट।

नोट में लिखा है, वे मुझे अपनी जाति के कारण नीचा दिखाते थे और घर का नौकर बनाकर रखा था।

 

‘DSP ने पुलिस लाइन में प्रताड़ित किया’

डीएसपी मनोज कुमार पुलिस केंद्र लाइन के उन्हें भी प्रताड़ना और भेदभाव का हिस्सा बताया गया है। अमित ने लिखा, “ये दोनों मिलकर मुझे तोड़ रहे थे, न्याय नहीं मिला तो यह कदम उठाना पड़ा।

 

SP से गुहार – “मेरी मौत व्यर्थ न जाए, न्याय दो”
नोट के अंत में अमित ने नवादा के एसपी से अपील की है- “मुझे न्याय दो, मेरी मौत व्यर्थ न जाए।”

यह नोट हाथ से लिखा हुआ है और पुलिस जांच के दायरे में है।

 

4 साल की नौकरी, 3 साल की शादी और अंतहीन तनाव
एसपी अभिनव धीमान के मुताबिक, अमित कुमार (सिपाही नंबर 195) की उम्र 25 साल थी। वह मूल निवासी औरंगाबाद जिले के चौड़ी गाँव के रहने वाले थे और उनके पिता का नाम गुंगुन राम है। सिपाही के पद पर उनकी नौकरी 2021 में लगी।

अमित पिछले 4 साल से नवादा में तैनात थे और तीन साल पहले उनकी शादी हो गई थी। अभी तक बच्चा न होने से पत्नी का IVF ट्रीटमेंट चल रहा था। इधर बताया गया कि अमित 6 अक्टूबर को छुट्टी पर स्वीकृत हो चुके थे, लेकिन इंस्पेक्टर ने व्यक्तिगत काम करवाने और धमकी देकर उन्हें रोक लिया।

 

घटना स्थल पर सिपाहियों का गुस्सा, इंस्पेक्टर फरार
शनिवार सुबह कमरे में लटके अमित के शव को देखकर पुलिस लाइन सन्नाटे से चीख-पुकार में बदल गई। सिपाहियों ने इंस्पेक्टर पर पुलिस मैनुअल की धज्जियां उड़ा देने का आरोप लगाया। सिपाहियों का आक्रोश इतना था कि वरिष्ठ अधिकारीयों को खूब समझाना पड़ा। एक सिपाही बोला,
हमारी जिंदगी का क्या? प्रताड़ना बंद हो!

नवादा एसपी अभिनव धीमान, सदर डीएसपी हुलास कुमार, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार बड़े पैमाने पर फोर्स के साथ पहुंचे।

 

SP बोले- ‘बच्चा न होने से तनाव में था’

एसपी ने पत्रकारों से कहा, प्रताड़ना और छुट्टी न देने की जांच चल रही है। पत्नी के इलाज व संतान न होने से भी तनाव था, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। छुट्टी की भी बात सामने निकल कर लिए उसकी भी जांच की जा रही है। जो लोग दोषी होंगे उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी

 

अगला कदम: पोस्टमॉर्टम, FIR और विभागीय जांच
शव का पोस्टमॉर्टम सदर अस्पताल में। दोस्त सुमित की शिकायत पर इंस्पेक्टर की जांच की जाएगी।

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