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बिहार : प. बंगाल से चुराकर ₹1.5 लाख में पूर्णिया में बच्चा बेचा, डेरा डालकर जड़ी-बूटी बेचने वाले से बच्चा बरामद

पूर्णिया में बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया।

पूर्णिया में बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया।

पूर्णिया | पंकज कुमार नायक

पश्चिम बंगाल से एक मासूम को अगवा करके बच्चा तस्करी के गिरोह ने बिहार के पूर्णिया में बेच दिया। दोनों राज्यों की पुलिस ने छह साल के मासूम को ढूंढने के लिए जब पूर्णिया के एक डेरे में छापामारी की तो बच्चा वहां सोता मिला। मासूम बच्चा एक युवक के पास सो रहा था जो डेरा डालकर जड़ी-बूटी बेचता है। पुलिस पूछताछ में उसने माना है कि डेढ़ लाख रूपये में उसने बच्चा खरीदा था क्योंकि वो नि-संतान है।

पूर्णिया में सुरक्षित बरामद किया गया बच्चा बीते 14 फरवरी को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से अगवा हुआ था। पश्चिम बंगाल और बिहार पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन से बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका। जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन व अन्य सुरागों के आधार पर अपहरणकर्ता का पता लगाया, जिसकी लोकेशन पूर्णिया जिसे में मिली।

छापामारी में खरीदार के पास सोता मिला मासूम

बीते रविवार (15 फरवरी) तड़के पुलिस ने पूर्णिया शहर के ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान में रेड मारी। यहां टेंट लगाकर जड़ी-बूटी बेचने वाले लोगों के बीच तलाशी ली गई। छापामारी के दौरान एक डेरे में बच्चा बरामद हुआ, बच्चे के पास ही सो रहे एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम सुरेश सिंह है जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और पूर्णिया में डेरा (टेंट) डालकर जड़ी-बूटी बेचता है। पूछताछ में सामने आया कि उसकी संतान नहीं थी और इसी वजह से उसने 1.50 लाख रुपये में बच्चे को खरीदने का सौदा किया था। पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ता ने पहले बच्चे को अगवा किया और फिर उसे बेच दिया। फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बच्चे को आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद उसके परिजनों के पास पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा।

अन्य डेरों की भी हो रही जांच

इस घटना के बाद पुलिस ने शहर के अन्य इलाकों, जैसे पॉलिटेक्निक चौक और कई चौराहों पर जड़ी-बूटी के अस्थायी डेरों की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त करता हो।

 

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