- 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आएंगे।
पटना/नई दिल्ली |
बिहार में दो चरणों में हुए रिकॉर्ड-तोड़ मतदान से हर राजनीतिक दल को चौंका दिया। पर एग्जिट पोल (Exit Poll) के नतीजे ठीक वहीं हैं, जो चुनाव से पहले जारी हुए ओपीनियन पोल का अनुमान था। 11 नवंबर को चुनाव के बाद जारी हुए अधिकांश सर्वे एजेंसियों ने बीजेपी-जेडीयू वाले एनडीए (NDA) गठबंधन को बहुमत मिलने का अनुमान लगाया है।
हालांकि, 12 नवंबर को एक्सिस माई इंडिया- इंडिया टुडे ने जो एग्जिट पोल जारी किया है, उसमें दोनों गठबंधनों के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया गया है। इस सर्वे में NDA को 43% व महागठबंधन को 41% वोट प्रतिशत मिलना का अनुमान लगाया गया है।
पारंपरिक तौर पर माना जाता है कि ज्यादा वोटिंग सत्ताधारी दल के खिलाफ काम करती है, जिससे NDA खेमे में चिंता थी पर एग्जिट पोल ने उनका उत्साह बढ़ाया है।
वहीं, विपक्ष ने कहा है कि ये सर्वे जनता की वास्तविक भावना को नहीं दिखाते। महागठबंधन और जनसुराज ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
तेजस्वी यादव ने 12 नवंबर को कहा है कि लिखकर रख लें, हम ही सरकार बना रहे हैं। इसके फाइनल नतीजे क्या होंगे ये तो 14 नवंबर को ही पता लगेगा।
आइए जानते हैं कि एग्जिट पोल्स में किसे-क्या मिला?
1. मेट्राइज-आईएएनएस: NDA को 147-167 सीटें, महागठबंधन को 70-90 सीटें।
2. चाणक्य स्ट्रैटेजीज़: NDA 130-138, महागठबंधन 100-108 सीटें।
3. दैनिक भास्कर: NDA 145-160, महागठबंधन 73-91, जनसुराज 0-3 सीटें।
4. पी-मार्क: NDA 142-162, महागठबंधन 80-98 सीटें।
5. डीवी रिसर्च: NDA 137-152, महागठबंधन 83-98, जनसुराज 2-4 सीटें।
6. एआई पॉलिटिक्स- न्यूज पिंच : NDA 121, महागठबंधन 119 , अन्य- 3-5 सीटें।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ
1. तेजस्वी यादव (RJD): “14 नवंबर को महागठबंधन की सरकार बनेगी, 18 को मैं शपथ लूंगा। काउंटिंग में गड़बड़ी हुई तो जनता जवाब देगी।”
2. प्रशांत किशोर (जनसुराज): “बदलाव तय है, बिहार नया इतिहास लिखेगा। इस चुनाव का X फैक्टर युवा और प्रवासी होंगे।”
3. अशोक चौधरी (JDU): “एग्जिट पोल जनता की भावना दिखा रहे हैं। नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे।”
4. दिलीप जायसवाल (BJP): “बिहार ने मोदी और नीतीश के विकास मॉडल पर भरोसा जताया है।”
5. पप्पू यादव (कांग्रेस सहयोगी): “एग्जिट पोल हकीकत से कोसों दूर हैं। 14 नवंबर को असली नतीजा सामने आएगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में इस बार जितनी वोटिंग हुई है, उसमें युवा, प्रवासी और महिला वोटरों की अहम भूमिका है। लेकिन इस वोटिंग पैटर्न का किसको फायदा पहुंचेगा, ये कह पाना मुश्किल है। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं – जब साफ़ होगा कि एग्जिट पोल सही साबित हुए या बिहार ने एक बार फिर सबको चौंका दिया।

