पटना |
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना (14 nov) में शुरूआती रुझानों ने ही NDA की लैंड स्लाइड विक्ट्री की दिशा तय कर दी। इस जीत के बाद पीएम मोदी ने दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘बिहार के लोगों के गर्दा उड़ा दिया’। उन्होंने बिहार के लोगों का विकास की राजनीति को अपनाने के लिए धन्यवाद किया है और छठी मैया की जयकार लगाई। वहीं, नीतीश कुमार ने बिहार की जनता का धन्यवाद किया।
इन चौंकाने वाले परिणामों को लेकर तेजस्वी यादव ने अभी मीडिया से बात नहीं की है पर उन्होंने शाम को ट्वीट करके जनता से पूछा है कि क्या चुनाव निष्पक्ष हुए थे? राहुल गांधी ने भी लगभग इसी तर्ज पर देर रात ट्वीट करके कहा कि शुरू से ही ‘निष्पक्ष’ नहीं चल रहे चुनाव में महागठबंधन नहीं जीत सका।
सीएम नीतीश कुमार ने बहुमत के लिए बिहार की जनता का आभार जताते हुए देर रात ट्वीट किया। उन्होंने कहा-
“राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति विश्वास जताया है। इसके लिए राज्य के सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद। NDA गठबंधन ने इस चुनाव में पूरी एकजुटता दिखाते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। आप सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।”
पीएम मोदी ने कहा- यह विकास की राजनीति की जीत है
“सुशासन और विकास की जीत है। बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है।”
तेजस्वी यादव का ट्वीट- क्या चुनाव निष्पक्ष हुआ?
राहुल गांधी का ट्वीट – शुरू से ही चुनाव निष्पक्ष नहीं था
“बिहार का यह परिणाम वाकई चौंकाने वाला है। हम एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था। कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे और लोकतंत्र को बचाने के अपने प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।”
VIP चीफ मुकेश सहनी बोले- महिलाओं का वोट NDA को गिरा
“हम इस जनादेश को स्वीकार करते हैं और जो जीते हैं-NDA, उनको मैं बधाई देता हूं…। माताओं-बहनों का वोट NDA के पक्ष में गिरा है, जिसके कारण उनकी इतनी बड़ी जीत हो रही है… हम मंथन करेंगे कि विफल होने का क्या कारण है…”
अमित शाह बोले- घुसपैठियों को बचाने वालों को करारा जवाब
“बिहारवासियों का एक-एक वोट भारत की सुरक्षा और संसाधनों से खेलने वाले घुसपैठियों और उनके हितैषियों के खिलाफ मोदी सरकार की नीति में विश्वास का प्रतीक है। वोटबैंक के लिए घुसपैठियों को बचाने वालों को जनता ने करारा जवाब दिया है।”
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी बोले- पता लगाएंगे क्या खेला हुआ..
“पूरे परिणाम आने पर हर बिंदु पर मंथन करके पता लगाएंगे कि यह जो सुनामी दिख रहा है, उसका कारण क्या है? कोई भी एंगल से ऐसा कोई कारण नहीं बनता है, किसी विशेषज्ञ, पॉलिटिकल पंडित ने अनुमान नहीं लगाया था कि इस तरह के परिणाम आएंगे।”
चिराग पासवान बोले – सीएम नीतीश जी की सेहत पर सवाल उठाने वालों को जवाब
“यह उन लोगों को जवाब है जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य, NDA के कार्यकाल, जंगलराज के होने या न होने और प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में बिहार कितना है, इस पर सवाल उठाते थे… पांच दलों का यह गठबंधन एक विजयी संयोजन है।”
Pappu Yadav बोले- “यह बिहार का दुर्भाग्य है”
रुझानों पर सबसे पहली और बड़ी प्रतिक्रिया निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने दी है। उन्होंने कहा, “हमें इसे स्वीकार करना पड़ेगा। मैं जनता से कुछ नहीं कह सकता, उनके फैसले का स्वागत करता हूं, लेकिन यह बिहार के लिए दुर्भाग्य है…”
HAM चीफ मांझी बोले- हम 160 कह रहे थे, 200 पार हुआ
“ऐसे ही नतीजों की हमें अपेक्षा थी। नीतीश कुमार ने महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है… हम 160 से ऊपर कह रहे थे लेकिन आज नतीजा 200 से ऊपर है। लोगों में नीतीश कुमार के प्रति विश्वास है… हमने MSME के रूप में यहां बहुत से काम शुरू किए हैं।”
Congress के पवन खेड़ा बोले- ज्ञानेश बिहार की जनता पर भारी पड़े
“शुरुआती रुझानों में जरूर लग रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता (Gyanesh Kumar Gupta) बिहार की जनता पर भारी पड़ रहे हैं… SIR (एसआईआर) और वोट चोरी के बावजूद बिहार की जनता ने पूरी हिम्मत दिखाई है।”
राजद सांसद मनोज झा बोले- रुझान महज मनोवैज्ञानिक खेल
“यह सिर्फ शुरुआती रुझान हैं और एक “मनोवैज्ञानिक खेल” चल रहा है। उन्होंने कहा, “65-70 से अधिक सीटों पर अंतर 3000-5000 वोटों से कम है, और हमें यकीन है कि उन सीटों पर स्थिति बदल सकती है… हमने ऐसे रुझानों को अंत तक बदलते देखा है।”
कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने राजद को दी ‘नसीहत’
“अभी अंतिम नतीजों का इंतजार करना चाहिए, लेकिन RJD (राजद) को भी अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा, क्योंकि कांग्रेस (Congress) गठबंधन में वरिष्ठ सहयोगी नहीं थी।”

