- गया के बेलागंज विधानसभा क्षेत्र के कुरीसराय गांव में वोट डालने पहुंची प्रसूता
गया | अजीत कुमार
बिहार के गया जिले से लोकतंत्र की एक बेहद प्रेरक तस्वीर सामने आई है। यहां एक महिला ने बच्चे को जन्म देने के कुछ घंटे बाद ही मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला। लोकतांत्रिक अधिकार निभाने की इस जिद और जागरूकता ने सभी को भावुक कर दिया।
बच्चे को जन्म देने के बाद पहुंची मतदान केंद्र
यह घटना गया जिले के बेलागंज विधानसभा क्षेत्र (Belaganj Constituency) के कुरीसराय गांव (Kurisarai Village) की है। यहां रहने वाली 25 वर्षीय सोनी कुमारी, जो सुनील मांझी की पत्नी हैं, ने सोमवार की रात बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Belaganj Community Health Centre) में बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन अगले ही दिन मंगलवार की सुबह, सोनी अपने नवजात शिशु को गोद में लेकर एंबुलेंस से मतदान केंद्र पहुंचीं और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मताधिकार (Vote) का प्रयोग किया।
एक दिन पहले मां बनीं सोनी बोलीं- “बच्चे के भविष्य के लिए वोट दिया”
मतदान के बाद सोनी कुमारी ने मुस्कुराते हुए कहा,“मैंने यह वोट अपने बच्चे के भविष्य की सोच के साथ दिया है। अगर हमें अपने गांव और देश में विकास चाहिए, तो सरकार चुनना हमारा कर्तव्य है।”
महिला के साहस की लोगों ने की सराहना
कुरीसराय गांव के मध्य विद्यालय मतदान केंद्र (Polling Booth) पर जैसे ही सोनी अपने नवजात शिशु के साथ पहुंचीं, वहां मौजूद मतदान कर्मी और ग्रामीण उन्हें देखकर भावुक हो गए। सभी ने उनके इस साहस और जागरूकता की खुलकर सराहना की।
लोगों ने कहा कि सोनी जैसी महिलाओं से समाज को सीख लेनी चाहिए – कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता के इसी जागरूक रवैये में छिपी है।
गांव में बनी चर्चा का विषय
बेलागंज की यह तस्वीर अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक वोट नहीं, बल्कि एक प्रेरणा (Inspiration) है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई बाधा यहां तक कि प्रसव जैसी स्थिति भी, किसी को अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य से नहीं रोक सकती।

