- नवादा के गोविंदपुर प्रखंड में लोगों से पुलिस कार्रवाई के विरोध में आगजनी की, फायरिंग
- पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े जिससे एक महिला घायल, अस्पताल में इलाज जारी
- कई घंटों के बाद युवक का शव तालाब से निकाला जा सका, हत्या का आरोप पुलिस पर
गोविंदपुर (नवादा) | सुनील कुमार
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किए गए पुलिस लाठी चार्ज ने बिहार के नवादा में एक युवक की जान ले ली, जो लाठियों से बचने के लिए भागा और गलती से तालाब में डूब गया।
मरने वाला युवक दलित समाज का है। युवक के शव को नौ घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से निकाला जा सका।
इतना ही नहीं, युवक के डूबने के बाद गुस्साए लोगों ने बाजार बंद करके सड़क जाम किया, कई जगह आगजनी और पथराव भी हुआ। इस पर फिर से पुलिस ने अपने बल का इस्तेमाल किया और हवाई फायरिंग की, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
यह घटना बिहार पुलिस के काम करने के तरीकों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
दूसरी ओर, DSP गुलशन कुमार दावा है कि एक युवक के गड्डे में डूबने से मौत की सूचना गोविंदपुर थाना पुलिस को मिली थी, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची तो कुछ असमाजिक तत्वों ने लोगों को भड़काया।
ग्रामीणों के मुताबिक, 4 अक्तूबर को नवादा के बिशनपुर गांव के लोग दुर्गा पूजा के बाद विसर्जन की तैयारी के लिए इकट्ठे हुए थे, इस दौरान कुछ युवकों में आपस में झगड़ा होने लगा। तभी पुलिस ने लाठियां चलाईं और युवक तालाब में डूब गया।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव निकाला जा सका।
इस घटना में जान गंवाने वाला युवक 18 साल का सूरज राजवंशी है जो बिशनपुर गांव का ही रहने वाला है। इसी गांव की 45 साल की शोभा देवी का इलाज जारी है।

