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बिहार : ‘बीमारू’ नहीं मेट्रो वाला.. पटना मेट्रो में सफर 7 अक्तूबर से शुरू

पटना मेट्रो

पटना मेट्रो

 

पटना | हमारे संवाददाता

पटना मेट्रो बिहार के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। 1980 के दशक में बिहार को दी गई “बीमारू” संज्ञा अब इतिहास बनती जा रही है, और मेट्रो इसकी प्रगति का प्रतीक है। पहला चरण 6 अक्तूबर को शुरू हो रहा है।
हालांकि आम लोगों के लिए इसका परिवहन सात अक्तूबर से शुरू होगा, सुबह आठ से रात दस बजे तक मेट्रो चलेगी।
मेट्रो में 3 बोगियों में 138 सीटें होंगी। साथ ही 945 यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे। मेट्रो की शुरुआती रफ्तार 40 किमी/घंटा होगी। इसका किराया- ISBT से जीरो माइल 15 रुपये और ISBT से भूतनाथ 30 रुपये होगा।

 

3 बोगियों में सफर करेंगे 945 यात्री

पटना मेट्रो में तीनों बोगी में कुल 138 यात्रियों के बैठने की सीटें हैं, साथ ही 945 यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे।

शनिवार को मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) जनक कुमार गर्ग ने मेट्रो परिचालन के लिए पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को हरी झंडी दी। अभी सिग्नल सिस्टम के अभाव में रफ्तार औसत 80 किमी/घंटा से कम रहेगी, जिससे समय ज्यादा लगेगा।

 

पूरे निर्माण में 42 महीने लगेंगे 

कॉरिडोर वन में पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी में टनल बनेगा। कॉरिडोर वन में 2565.80 करोड़ से छह भूमिगत स्टेशन सहित टनल का निर्माण होना है। एजेंसी से करार कर लिया गया है। निर्माण 42 माह में पूरा करना है।

इसके पहले भाग में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन बनेगा। पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैप से इसपर 1147.50 करोड़ खर्च होंगे।

दूसरे भाग में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन का निर्माण होगा। साथ ही विकास भवन से पटना जंक्शन होते हुए मीठापुर रैंप तक टनल बनेगा। निर्माण पर 1418.30 करोड़ खर्च होंगे।

 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मेट्रो की प्रत्येक बोगी में 360 डिग्री का सीसीटीवी कैमरा लगा है। प्रत्येक बोगी में दो इमरजेंसी बटन और माइक होगा। किसी भी आपात स्थिति में यात्री इमरजेंसी पुश बटन को दबाएंगे। यहां से माइक पर बोलने पर ड्राइवर के पास आवाज जाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से इमरजेंसी सिचुएशन की तस्वीर कैद होकर कंट्रोल रूम को जाएगी।

 

मधुबनी पेटिंग से डिजायन किया

वहीं, पटना मेट्रो की बोगियों को मधुबनी पेंटिंग से डिजाइन किया गया है। पूरी बोगियां अब नारंगी कलर में दिखेंगी। मेट्रो की तीनों बोगियों की गेट, बॉडी, खिड़की सहित हर जगह स्टिकर लगाने का काम पूरा हो गया है।

बोगियों के बाहर ही नहीं बल्कि अंदर का भी लुक बदला गया है।

मेट्रो की छत पर मधुबनी पेंटिंग की स्टिकर चिपकाई गई है। बोगियों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप, नालंदा खंडहर सहित बिहार के सभी टूरिस्ट प्लेस की तस्वीरों से सजाया जा रहा है।

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