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सीवान: बीजेपी नेता के रिश्तेदार की हत्या के चंद घंटों बाद आरोपी का एनकाउंटर, पुलिस की गोली से हुआ ज़ख्मी

सरेआम गोली मारने की घटना के बाद युवक को अस्पताल लाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।

सरेआम गोली मारने की घटना के बाद युवक को अस्पताल लाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।

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सीवान | गगन पांडेय

बिहार में बीते तीन दिनों के भीतर गोलीबारी और उसके बाद पुलिस एनकाउंटर की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। भागलपुर में नगर परिषद में गोलीबारी के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के बाद हुए एनकाउंटर की घटना ने चर्चा पकड़ी ही थी कि अब सीवान में भी ऐसी ही सनसनीखेज़ घटना सामने आई है।

यहां बुधवार, 29 अप्रैल की शाम हुई एक युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ लिया है। हालांकि इस एनकाउंटर में दो आरोपियों के घुटने में गोलियां लगी हैं और उन्हें पटना रेफर किया गया है।

गोली लगने के बाद मृतक को अस्पताल ले जाते लोग।

कार पर अंधाधुंध फायरिंग में मौत

 पूर्व एमएलसी और बीजेपी नेता मनोज कुमार सिंह के भांजे हर्ष कुमार सिंह की हत्या कर दी गई। यह पूरी वारदात नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास कार साइड करने से शुरू हुई।

पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद में आरोपी छोटू यादव ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें हर्ष कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और उनके पिता चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

गोलीबारी के पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया गया तो मौके पर अफसर पहुंचे।

CCTV फुटेज से हुई पहचान

घटना के बाद एसपी पूरन कुमार झा के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर हुसैनगंज के रहने वाले छोटू यादव को चिन्हित किया। एसएसपी के मुताबिक- “हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने जुर्म कबूल किया और वारदात में चार लोगों के शामिल होने की बात कही।”

बरामदगी के दौरान मुठभेड़

एसएसपी के मुताबिक, “पुलिस जब आरोपी को हथियार बरामद कराने ले जा रही थी, तब उसने पुलिस पर पांच राउंड फायरिंग कर भागने की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने तीन राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें से दो आरोपी के घुटनों में लगीं।”

घायल आरोपी को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। SSP ने पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से कहा है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह हाल ही में जेल से बाहर आया था।

गौरतलब है कि खुलेआम गोलीबारी व हत्याओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इससे कैसे निपटता है।

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