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Bihar STET मजाक बनकर रह गया: पहले लेट पेपर के खिलाफ गुस्सा फूटा, अब गलत आंसर-की के खिलाफ युवा सड़कों पर

विद्यालय परीक्षा बोर्ड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को जुटे अभ्यर्थी।

विद्यालय परीक्षा बोर्ड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को जुटे अभ्यर्थी।

Bihar Secondary Teacher Eligibility Test 2025 :

पटना | 
बिहार में युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए सिर्फ पढ़ाई में मेहनत नहीं कर रहे, उन्हें सिस्टम से भी लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। ताजा मामला राज्य के शिक्षा विभाग से जुड़ा है। कक्षा नौ से 12वीं तक के सरकारी टीचर बनने के लिए होने वाली सेकेंडरी शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) को समय से कराने के लिए युवाओं को अगस्त में सड़क पर उतरना पड़ा, अब पेपर हो जाने के बाद उससे जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर वे पटना की सड़कों पर हैं।
दरअसल STET (Secondary Teacher Eligibility Test 2025) पेपर की आंसर-की (Answer key) को लेकर नया विवाद सामने आया है, अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब 45-50 आंसर गलत दिए गए हैं इसलिए रिवाइज आंसर-की जारी होनी चाहिए। इसके अलावा, परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने के चलते ग्रेस मार्क दिए जाने चाहिए। ये मांगें ऐसे समय में आई हैं जब बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (Bihar school examination board) के अध्यक्ष ने यह घोषणा कर दी कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में STET का रिजल्ट जारी हो जाएगा।

STET Exam : फिजिक्स-कॉमर्स के पेपर में 50 उत्तर ‘गलत’

क्या बोले छात्र नेता

छात्रनेता सौरभ कुमार

150 सवालों के पेपर में अगर 50 सवाल ही गलत आएंगे तो परीक्षार्थी कैसे अच्छे अंक पा सकेगा। हमने आज संबंधित अफसरों से मिलकर सभी समस्याओं को उठाया है और हमें आश्वस्त किया गया है कि हर गड़बड़ी को लेकर विशेषज्ञों की टीम जांच कर रही है, फाइनल रिजल्ट में इसे शुद्ध करके ही जारी किया जाएगा। – सौरभ कुमार, छात्र नेता

अगस्त में STET कराने के लिए सड़क पर उतरे थे

STET पेपर की आंसर-की के लिए अब प्रदर्शन हो रहा है। इससे पहले 18 अगस्त को सैकड़ों B.Ed पास अभ्यर्थियों ने STET परीक्षा समय से कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। तब उन्हें पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी थीं। दवाब बढ़ने और विधानसभा चुनाव करीब होने पर सरकार ने यह परीक्षा करायी, हालांकि अब इससे जुड़ी समस्याओं को लेकर युवाओं को फिर से प्रदर्शन करना पड़ रहा है। 
तब अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार शिक्षकों की भर्ती (TRE-5) निकालने से पहले STET परीक्षा करवाए वरना उनका करियर खराब हो जाएगा।

STET : साल में दो बार होने वाला पेपर, एक बार भी मुश्किल से हुआ

नियम के मुताबिक State Teacher Eligibility Test साल में दो बार कराया जाना चाहिए। पर बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की लापरवाही के चलते यह परीक्षा अब तक सिर्फ एक बार हो सकी है, वो भी छात्रों के जोर-दबाव के बाद। 
इस मामले में विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा कैलेंडर के हिसाब से STET साल में दो बार होनी चाहिए, लेकिन 2025 का पहला राउंड अब तक नहीं हुआ। इससे B.Ed धारकों का भविष्य लटक गया।”  
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