नई दिल्ली | लालू यादव के बड़े बेटे व जननायक जनता पार्टी के प्रमुख तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने विवादित बयान के लिए चर्चा में हैं।
बिहार के पूर्व मंत्री रहे तेज प्रताप यादव ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर व्यक्तिगत टिप्पणी की है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा- “वे(चिराग पासवान) इन दिनों किसी ‘हीरोइन’ के चक्कर में पड़े हैं।”
साक्षात्कारकर्ता मनीष कश्यप के कुरेदने पर उन्होंने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत का नाम लिया। साथ ही कहा कि “वे (चिराग) अक्सर उन्हीं (कंगना) के साथ देखे जाते हैं।”
तेज प्रताप ने संसद और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों की मुलाकातों का हवाला भी दिया।
राजनीतिक गलियारों में तेज प्रताप के इस बयान को निजी जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है।
इन दावों को सांसद कंगना कर चुकी हैं खारिज़
इस मामले में सांसद कंगना रनौत मीडिया में स्पष्ट कर चुकी हैं कि “चिराग उनके पुराने और बेहद अच्छे दोस्त हैं और उनके बीच कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं है।”
बता दें कि चिराग और कंगना ने साल 2011 में फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में साथ काम किया था। तब से दोनों के बीच दोस्ती का रिश्ता कायम है।
कामकाजी औरतों पर ऐसी टिप्पणियों का जेंडर एंगल समझिए
राजनीति या अन्य कार्यक्षेत्रों में जब दो सफल सहकर्मी खासकर एक महिला और एक पुरुष जब साथ दिखते हैं, तो समाज का एक हिस्सा उसे अक्सर ‘रोमांटिक’ चश्मे से ही देखता है।
इस तरह की टिप्पणियां कामकाजी महिलाओं की पेशेवर पहचान को गौण कर उन्हें केवल किसी के साथ जोड़कर देखने की पितृसत्तात्मक मानसिकता को दर्शाती हैं।
