- बिहार 10वीं बोर्ड की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
- 9 बजे तक रिपोर्टिंग टाइम था, पर वह 9:10 बजे पहुंची थी।
- परीक्षा 9:30 बजे शुरू होनी थी पर एंट्री मिलने से हताश थी।
पटना |
बिहार बोर्ड के पेपर शुरू हो चुके हैं और इस बार पेपर शुरू होने से आधे घंटे पहले सेेंटर पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके चलते बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के पेपर छूट रहे हैं। इस नई व्यवस्था ने पटना में दसवीं की एक छात्रा की जिंदगी छीन ली। एंट्री के लिए तय समय से दस मिनट देरी से पहुंची छात्रा को परीक्षा के लिए प्रवेश नहीं मिला, जिससे हताश होकर उसने चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान (Suicide) दे दी है। इस घटना का संज्ञान लेते हुए बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है।
बिहार के मुंगेर में समय से कुछ मिनट लेट होने के कारण दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करती छात्रा। (प्रतीकात्मक)
गौरतलब है कि पूरे बिहार में बोर्ड परीक्षा के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जब एग्जाम सेंटर बंद होने से परेशान स्टूडेंट और अभिभावक वहां मौजूद पदाधिकारियों के सामने रोते-गिड़गिड़ाते देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं छोटी उम्र के इन विद्यार्थियों के मन पर बुरा असर डालती हैं, इसका एक उदाहरण पटना की हालिया घटना में देखने को मिला है।
पेपर नहीं देने दिया तो चलती ट्रेन के आगे कूदी छात्रा
दसवीं की छात्रा थी कोमल। : (फाइल फोटो)
यह घटना 17 फरवरी को पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के महाराजचक गांव में हुई, जहां चलती ट्रेन के आगे कूदकर छात्रा कोमल कुमारी ने जान दे दी। यह छात्रा समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए अपने गांव खरजमा से अपने रिश्तेदार के घर महाराजचक चली गई थी। महाराजचक से छह किलोमीटर की दूरी पर उसका परीक्षा केंद्र बरनी नामक जगह पर था। जहां मंगलवार की सुबह वह पेपर देने के लिए निकली पर 9:10 बजे सेंटर पर पहुंच पाई, जबकि सेंटर का गेट दस मिनट पहले यानी नौ बजे बंद हो गया था।
सर, प्लीज गेट खोल दीजिए, मेरे करियर का सवाल है…
बेटी की मौत के बाद घटना की जानकारी देते मृतका के पिता मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव। (फोटो : पटना संवादाता)
छात्रा के पिता मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट बंद मिला तो कोमल गेट खटखटाकर बार-बार निवेदन कर रही थी, सर प्लीज गेट खोल दीजिए, परीक्षा 9:30 बजे शुरू होगी। वह सिर्फ दस मिनट लेट थी, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। काफी प्रयास के बाद भी जब गेट नहीं खुला तो वह निराश होकर घर लौट आई।
तेजस्वी ने सरकार को घेरा, परिजनों को मुआवजा मांगा
तेजस्वी यादव
वहीं, इस मामले में अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक्स पर ट्वीट करके लिखा है कि “बिहार की बेटियों का काल बनी नीतीश-भाजपा सरकार।” उन्होंने लिखा कि जाम और अव्यवस्था के चलते परीक्षा केंद्र पहुंचने में कुछ मिनटों की देरी हो गई और उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला, पर किसी का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने सरकार से परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही मांग की है कि चंद मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने पर छात्रों का प्रवेश न रोका जाए।
परीक्षा नहीं दे सके स्टूडेंट्स को फिर मौका देगा बोर्ड
बोर्ड परीक्षा के सेंटर पर पेपर के समय से आधे घंटे पहुंचने के अनिवार्य नियम की काफी आलोचना के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने नई व्यवस्था बनाई है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि किसी कारणवश परीक्षा छूटने वाले स्टूडेंट्स को फिर से बोर्ड एग्जाम में भाग लेने का एक और मौका रहेगा। बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद BSEB की ओर से ऐसे छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन होगा। विशेष परीक्षा के लिए अप्रैल में आवेदन करना होगा।

