- एक दिन पहले नेटो सहयोगी देशों की सेना के ऊपर ट्रंप ने उठाया था सवाल
नई दिल्ली |
यूरोपीय नेताओं के ऊपर लगातार दवाब बना रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटिश पीएम के सख्त रूख के बाद अपने दावे से पलटना पड़ा है। अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो सहयोगियों की सेना के ऊपर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान दिया, जिसके बाद ब्रिटिश पीएम कीव स्टार्मर ने सख्त रुख अपनाते हुए उनसे इस पर माफी मांगने को कहा। इस घटनाक्रम के एक दिन बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इंग्लिश सेना की अफगान युद्ध के दौरान की गई बहादुरी का गुणगान करते हुए ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट किया है।
गौैरतलब है कि 20 साल चले अफगान युद्ध के दौरान अमेरिकी नेतृत्व में नेटो सहयोगी देशों की सेना लंबे समय तक अफगानिस्तान में तैनात थी, एक समय इसकी संख्या 1.30 लाख तक थी, जिसमें बड़ी संख्या में यूरोपीय सैनिकों की मौत भी हुई।
ट्रंप ने यूरोपीय सेना को फ्रंट लाइन से पीछे बताया था
अमेरिकी राष्ट्रपति ने विश्व आर्थिक मंच से इतर फॉक्स न्यूज से बात करते हुए दावा किया था कि “अफगानिस्तान युद्ध के दौरान वहां तैनात रही नाटो सहयोगी देशों (गैर अमेरिकी) की सेना फ्रंट लाइन से कुछ पीछे थी।” साथ ही ट्रंप ने कहा था कि “वैसे तो अमेरिका को नेटो के सहयोग की जरूरत नहीं है पर अगर कभी मदद मांगी गई तो वह नहीं कर सकेगा।”
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने ट्रंप से माफी मांगने को कहा
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक वीडियो संदेश के जरिए ट्रंप के बयान पर नाराजगी जतायी, यह पहला ऐसा मौका था जब ब्रिटिश पीएम ने स्पष्ट व कड़े शब्दों में ट्रंप को फटकारा। साथ ही कहा कि अगर उन्होंने ऐसा कुछ कहा होता तो वे निश्चित तौर पर माफी मांगते। स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटिश सैनिकों ने अफगानिस्तान में अपने प्राणों की आहुति दी इसलिए ट्रंप का यह बयान अस्वीकार्य है।
व्हाइट हाउस ने ट्रंप का किया था बचाव
ब्रिटिश पीएम की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी AFP से कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप का बयान सही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नेटो के लिए किसी भी अन्य सहयोगी से ज्यादा काम व सहयोग किया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि “ब्रिटेन के महान सैनिक अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के साथ लड़े। 457 सैनिक शहीद हुए और कई बुरी तरह जख्मी हुए, ये सभी महान योद्धा हैं। ब्रिटेन व अमेरिकी सेनाओं के बीच का संबंध प्रगाढ़ है। ”
क्यों पलटे ट्रंप?
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप को पलटने के पीछे ये कारण हैं:
- ब्रिटिश सरकार और जनता से भारी विरोध: स्टार्मर का बयान और ब्रिटिश मीडिया में आलोचना से ट्रंप पर दबाव बढ़ा।
- NATO और सहयोगियों के साथ संबंध: ब्रिटिश पीएम के अलावा इटली की पीएम ने भी इस बयान की निंदा की। नेटो सहयोगियों के साथ संबंध खराब होने का असर घरेलू राजनीति पर पड़ सकता था।

