नई दिल्ली |
गज़ा में शांति स्थापित करने और पुर्ननिर्माण के मकसद से बनाए गए शांति बोर्ड (Board of Peace) में शामिल होने के लिए भारत समेत दुनिया के करीब 60 देशों को न्यौता मिला है। इस बोर्ड में कई देशों को शामिल कराने के ट्रंप के मकसद ने दुनिया को चौंका दिया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसको लेकर ट्रंप से सवाल किया कि क्या ये संयुक्त राष्ट्र की जगह ले सकता है, तो उन्होंने इस संभावना से इनकार नहीं किया है। अब तक इस शांति बोर्ड में पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई समेत नौ देशों ने शामिल होने की घोषणा कर दी है, जबकि इसकी सदस्यता फीस 1 अरब डॉलर (860 करोड़ रुपये) है।
1- शांति बोर्ड में पाक समेत 18 देश शामिल
अब तक नौ देशों ने इस बोर्ड में शामिल होने का ऐलान कर दिया है जिसमें पड़ोसी पाकिस्तान भी शामिल है।
मध्य-एशिया के 7 देश शामिल
- इजरायल
- सऊदी अरब
- यूएई
- बहरीन
- जॉर्डन
- कतर
- मिस्त्र
नाटो सदस्य भी शामिल
- टर्की
- हंगरी
- अर्मेनिया (नाटो सहयोगी)
- अजरबैजान ( नाटो सहयोगी)
4 एशियाई देश शामिल
- पाकिस्तान
- इंडोनेशिया
- उज़्बेकिस्तान
- कजाकिस्तान
- वियतनाम
एक अफ्रीकी देश शामिल
- मोरक्को
एक दक्षिण अमेरिकी देश भी शामिल
- पैरग्वे
2- इन देशों ने न्यौता ठुकराया
कई बड़े देशों ने अभी तक सदस्यता से इनकार किया है, इनमें प्रमुख हैं-
- फ्रांस
- जर्मनी
- ब्रिटेन
- जापान
- दक्षिण कोरिया
- कनाडा
ट्रंप ने कनाडा से न्यौता वापस लिया : ट्रंप ने कनाडा के पीएम के भाषण के भाषण से नाराज होकर 22 jan को सोशल मीडिया पर लिखा है कि वे कनाडा से इस बोर्ड में शामिल होने का न्यौता वापस ले रहे हैं। दरअसल विश्व आर्थिक मंच से कनाडाई पीएम ने अमेरिका का नाम लिए बिना उसके आक्रमक रुख की कड़े शब्दों में आलोचना की थी।
फ्रांस को धमकी- ‘शामिल नहीं तो 200% टैरिफ लगा दूंगा’ : फ्रांस ने शांति बोर्ड में शामिल होने से इनकार किया है। इसको लेकर जब ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे कहा- “अगर फ्रांस शामिल नहीं हुआ तो हम फ्रांस से आयात होने वाले सामान पर 200% टैरिफ लगा देंगे।”
3- चीन ने UN के अस्तित्व पर चिंता जतायी, रखी ये शर्त
चीन ने स्पष्ट किया कि वह तभी शामिल होगा जब बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) के अस्तित्व को खत्म न करे। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम किसी भी ऐसे प्रयास का समर्थन नहीं करेंगे जो UN की जगह ले या उसकी भूमिका कमजोर करे।
4- रूस की शर्त, प्रतिबंध हटाओ तो शामिल होंगे
ट्रंप ने चार दिन पहले मीडिया से कहा था कि रूसी राष्ट्रपति को न्यौता भेजा गया और वे इसमें शामिल होने जा रहे हैं। इस बयान का तुरंत रुस ने खंडन करते हुए कहा कि उनका विदेश मंत्रालय इस निमंत्रण पर विचार कर रहा है। दूसरी ओर, न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया है कि रूस ने शांति बोर्ड में दान करने की शर्त रखी है कि उसकी प्रतिबंधित संपत्ति से बैन हटाया जाए।
5- UN के जैसा है शांति बोर्ड का लोगो
गौरतलब है कि शांति बोर्ड के लोगो, संयुक्त राष्ट्र के लोगो से मिलता-जुलता है जो शांति बोर्ड की साइनिंग सेरेमनी में जारी किया गया है।

