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चुनाव आयोग के लेटर पर BJP की मोहर को लेकर विवाद, जानिए आयोग ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से लेटर जारी करके चुनाव आयोग पर सवाल उठाया गया, जिस पर केरल चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण आया है।

नई दिल्ली | केरल में चुनाव आयोग के एक पत्र पर बीजेपी के कथित मुहर होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। केरल कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने सवाल खड़ा किया है और चुनाव आयोग ने इस पर सफ़ाई दी है।

केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक्स पर लिखा, “हमें पता चला है कि चुनाव आयोग के एक पत्र में बीजेपी की मुहर लगी है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय स्पष्ट करता है कि यह केवल दफ़्तर की ग़लती थी, जिसे तुरंत पहचानकर ठीक कर दिया गया।”

केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से अनुरोध किया गया है कि जनता और मीडिया “दफ़्तर की ग़लती के आधार पर भ्रामक संदेश न फैलाएं।”

बीजेपी की मुहर को लेकर ये बताया

स्पष्टीकरण में आगे लिखा गया है, “बीजेपी की केरल इकाई ने हाल ही में सीईओ के दफ़्तर से 2019 के नियमों पर स्पष्टीकरण मांगा था, जो उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों की जानकारी प्रकाशित करने से जुड़े थे। अपनी मांग के साथ पार्टी ने 2019 के असली आदेश की फ़ोटोकॉपी दी थी, उस कॉपी पर पार्टी की मुहर थी। दफ़्तर से चूक यह हुई कि उस दस्तावेज़ पर लगी पार्टी की मुहर पर ध्यान नहीं दिया गया और ग़लती से वही कॉपी अन्य राजनीतिक दलों को भी भेज दी गई।”

कांग्रेस व CPI(M) ने उठाया सवाल

कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, “एक संवैधानिक संस्था पर बीजेपी की छाप दिखना उसकी निष्पक्षता और भरोसे पर गंभीर सवाल उठाता है।”

सीपीआई (एम) ने एक्स पर लिखा, “यह अब कोई राज़ नहीं है कि एक ही ताक़त, भारत के चुनाव आयोग और बीजेपी को चलाती है। फिर भी कम से कम इतना तो शिष्टाचार रखिए कि दो अलग-अलग दफ़्तर रखें।”

क्लैरिकल गलती जिसे तुरंत सुधारा – CEO

केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी स्पष्टीकरण में लिखा है कि “चुनाव आयोग के कार्यालय को यह जानकारी मिली है कि विभिन्न मलयालम न्यूज़ चैनलों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर वाली एक पत्र का प्रसारण हो रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय स्पष्ट करता है कि यह पूरी तरह से एक लिपिकीय त्रुटि (clerical error) थी, जिसकी पहचान होते ही उसे तुरंत सुधार लिया गया।”

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