- बुधवार-गुरुवार की रात तीन बजे बवाल बढ़ने के बाद पूरा जिला छावनी में तब्दील हो गया है।
सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक पहले रोहतास जिले में एक बड़ा बवाल हो गया। जिले में ईवीएम रखने के लिए बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में 12 नवंबर की शाम आठ बजे एक ट्रक घुस गया। जिसे देख वहां मौजूद प्रत्याशियों और समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि ईवीएम बदलने की कोशिश हो रही है, साथ ही दावा किया गया कि ट्रक ईवीएम मशीनों से भरा हुआ है।
धीरे-धीरे ईवीएम बदले जाने की अफवाह इतनी ज्यादा फैल गई कि रात ढाई बजे डीएम को मौके पर पहुंचकर प्रत्याशियों के सामने सफाई देनी पड़ी। उन्होंने बताया कि ट्रक में ईवीएम के कवर रखे हुए हैं जो वोटिंग से ठीक पहले इन मशीनों की कमीशनिंग के वक्त खाली हुए थे।
इस मामले में RJD ने रात ही में ट्वीट करके चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। राजद ने यह भी आरोप लगाया कि “रात दो बजे के बाद से काउंटिंग सेंटर के CCTV बंद कर दिए गए हैं।”
हंगामे के बाद स्थिति को काबू में रखने के लिए पूरी शहर में पुलिस व CAPF के जवान तैनात करके इसे छावनी में बदल दिया गया।
अचानक स्ट्रांग रूम में घुसा ट्रक, हंगामा शुरू
घटना सासाराम के कृषि बाजार समिति परिसर की है, जहां सात विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम रखे गए हैं। बुधवार शाम 8 बजे एक ट्रक स्ट्रांग रूम के गेट के अंदर पहुंच गया, जिसमें टीन के खाली बक्से लदे थे।
स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में एक ट्रक प्रवेश कर गया, मौके पर मौजूद प्रत्याशी व समर्थकों का कहना है कि इसमें ईवीएम थीं।
इसे देखकर वहां मौजूद महागठबंधन और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। “वोट चोर–गद्दी छोड़” जैसे नारे लगे, और लोग गेट पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही डीएम उदिता सिंह और एसपी रोशन कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
डीएम-एसपी ने की जांच, कहा- ‘बक्से खाली थे’
देर रात तक हंगामा और बढ़ जाने पर अधिकारियों ने ट्रक की जांच की तो पाया कि सभी बक्से खाली थे। डीएम उदिता सिंह ने कहा,
“सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जा रही है। अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इन बक्सों में ही EVM बंद होकर आई थीं जो कमीशनिंग के वक्त निकाली गई थीं, ये खाली बक्से हैं। हम चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट भेज देंगे।”
अफवाहों से मचा हड़कंप, प्रत्याशी रातभर डटे रहे
ट्रक के प्रवेश के बाद इलाके में यह अफवाह फैल गई कि “ईवीएम बदली जा रही है”। इसके बाद कई प्रत्याशी और उनके समर्थक रातभर मतगणना केंद्र के बाहर डटे रहे।
राजद, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस प्रत्याशी संतोष मिश्रा ने चुनाव पर्यवेक्षक को लिखित शिकायत सौंपी, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह ने आरोप लगाया कि “विरोध करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और एफआईआर की धमकी दी।”
इस पर एसपी रोशन कुमार ने लाठीचार्ज के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
RJD ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा
घटना के बाद आरजेडी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा कर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा – “बिना सूचना स्ट्रांग रूम परिसर में ट्रक कैसे घुसा?
ट्रक चालक को सामने क्यों नहीं लाया गया? और रात 2 बजे के बाद CCTV फुटेज क्यों बंद हो गया?” आरजेडी ने चुनाव आयोग से फुटेज सार्वजनिक करने और जांच की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि यदि पारदर्शिता नहीं बरती गई तो “हजारों लोग स्ट्रांग रूम तक पहुंच जाएंगे।”
प्रशासन की सफाई- “मतगणना के बाद ईवीएम रखने के बक्से थे”
जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि ट्रक में रखे बक्से मतगणना के बाद ईवीएम रखने के लिए थे, जो पहले पहुंचने थे लेकिन तकनीकी देरी की वजह से देर रात पहुंचे।
एसडीएम आशुतोष रंजन ने कहा कि ट्रक की एंट्री की जानकारी दी गई थी और सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि “काउंटिंग सेंटर पूरी तरह सील है और हर गतिविधि CCTV निगरानी में है।”
काउंसलिंग सेंटर में बढ़ी निगरानी
घटना के बाद प्रशासन ने मतगणना स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी है। सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। डीएम ने सभी प्रत्याशियों से अपील की कि, “अफवाहों पर ध्यान न दें, मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर डीएम ने फिर कहा- ट्रक में खाली बक्से थे
अगले दिन 13 नवंबर को डीएम उदिता सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोपों पर अपना पक्ष रखा। डीएम ने बताया कि प्रत्याशियों की आशंकाओं को दूर करने के लिए हमने ट्रक मेें रखे हर बॉक्स को खोलकर दिखाया था, वे सभी बॉक्स खाली पाए गए।
ईवीएम बदलने का आरोप गलत है। साथ ही, उन्होंने कहा कि तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है और सभी सीसीटीवी कैमरे एक्टिव हैं। इन्हें व्यूइंग सेंटर पर जाकर प्रत्याशी या उनके ऑथोराइज एजेंट जांच सकते हैं।
Edited by Mahak Arora (content writer)

