- बिहार की आर्थिक अपराध शाखा ने दो अफसरों के ठिकानों पर रेड मारी।
- SDPO (किशनगंज) व DRDA निदेशक की आय से ज्यादा दौलत जुटाई।
- SDPO को मिल चुका है गैलेंट्री पुरस्कार, DRDA के घर से मिला सोना।
सहरसा | मुकेश कुमार
जिन प्रशासनिक अफसरों के ऊपर सरकारी योजनाओं व जिम्मेदारियों को पूरा कराने का जिम्मा है, वे ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जा रहे हैं।
बिहार सरकार के ऐसे ही दो भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ राज्य की आर्थिक अपराध शाखा ने मंगलवार को कई घंटों के लिए 12 ठिकानों पर रेड मारी है।
यह कार्रवाई किशनगंज में तैनात अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गौतम कुमार से जुड़े स्थानों पर की गई, जिन्हें एक बार गैलेट्री अवॉर्ड मिल चुका है। उनके पास आय से 60% ज्यादा संपत्ति मिली है।
दूसरे अफसर जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) के सहरसा निदेशक वैभव कुमार हैं। इनके सहरसा जिले स्थित आवास पर छापामारी हुई और उनसे पूछताछ भी की गई। उनके पास आय से 78% ज्यादा दौलत मिली है।
इनके घर से पांच लाख का सोना मिला और कई जमीनों के कागज़ मिले हैं।
दोनों ही अफसरों से जुड़े 6-6 स्थानों पर छापामारी हुई है, ये छापामारी सहरसा, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया और किशनगंज में सुबह आठ बजे से दोपहर तक चली।
दोनों अफसरों के खिलाफ आय से अधिक आपत्ति अर्जित करने के मामले में केस दर्ज है। निगरानी शाखा ने अदालत से तलाशी का आदेश लेकर यह कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (किशनगंज) गौतम कुमार ने 1 करोड़, 94 लाख, 9 हजार, 244 रुपए (₹1,09,49,244) की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
इनके पटना, पूर्णिया और किशनगंज जिले में अलग-अलग ठिकानों पर रेड हुई।
वहीं, जबकि DRDA (सहरसा) निदेशक वैभव कुमार पर 2 करोड़, 41 लाख, 14 हजार रूपये (₹2,41,14,000) की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

