पटना | देश की राजधानी दिल्ली में बिहार के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसका आरोप ऑन ड्यूटी हेड कॉन्टेबल पर लगा है। इस घटना को लेकर बिहार में खासा गुस्सा है। मृतक के परिजन से लेकर आम लोग तक इस हत्या को युवक की बिहारी पहचान से जोड़कर देख रहे हैं। इस मामले पर बिहार के राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 29 अप्रैल को मृतक के परिजनों के लिए 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नशे में धुत हेड कांस्टेबल ने की फायरिंग
यह वारदात बीते शनिवार की देर रात द्वारका के जाफरपुर कलां इलाके में हुई। खगड़िया निवासी पांडव कुमार, जो दिल्ली में जोमैटो डिलीवरी बॉय का काम करते थे, अपने दोस्त के बेटे की जन्मदिन पार्टी से लौट रहे थे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल ने नशे की हालत में पांडव और उनके साथियों के साथ गाली-गलौज की। विरोध करने पर पुलिसकर्मी ने फायरिंग कर दी, जिससे पांडव की मौके पर ही मौत हो गई और उनका साथी कृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गया।
तेजस्वी ने सरकार को घेरा, मांझी का विवादित बयान
इस घटना को लेकर बिहार की राजनीति गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे ‘बिहारी पहचान’ पर हमला बताते हुए सरकार को घेरा था। वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के उस बयान की भी काफी आलोचना हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि “किसी को ऐसे ही नहीं मार दिया जाता, जरूर कुछ हुआ होगा।” इस बयान की आलोचना करते हुए जनसुराज पार्टी ने भी एक्स पर पोस्ट लिखा है। उधर, कांग्रेस समर्थित पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी पीड़ित परिवार से मिले और उन्होंने आर्थिक सहायता दी है।
