पटना/नई दिल्ली | हमारे संवाददाता
दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल की गोली से बिहार के युवक पांडव कुमार की मौत के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ जहां दिल्ली सरकार पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्रियों के बयानों ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलीं, दूसरी ओर आरोपी कॉस्टेबल को जेल भेज दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से जब दिल्ली में पांडव कुमार की हत्या के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने राजद को घेरा। उन्होंने कहा कि “तेजस्वी यादव बिहार को गरीब राज्य बताते हैं, लेकिन इसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं।”
चिराग के अनुसार, “1990 के दशक में आरजेडी के शासनकाल के कारण बिहार पिछड़ा और इसी वजह से बड़े पैमाने पर पलायन हुआ। “
विवादित बयान पर अड़े मांझी
पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने कथित बयान “बिहारी को मार दिया तो क्या हुआ?” पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है।
तेजस्वी यादव ने उनसे बयान पर माफी की मांग की थी। उन्होंने मीडिया पर ही बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। साथ ही हाल में बिहार में हुए दो एनकाउंटर को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- “अपराधियों में खौफ होना जरूरी है।”
दिल्ली सरकार का आश्वासन
इस बीच, दिल्ली सचिवालय में शोकाकुल परिवार से मिलकर रेखा गुप्ता ने संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी और दिल्ली सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीयता के आधार पर हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
