नई दिल्ली | अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध अगर जल्द खत्म नहीं हुआ तो इससे पैदा ऊर्जा संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। यह चेतावनी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने दी है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब एक बड़े संकट के कगार पर खड़ी है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रेस क्लब को संबोधित करते हुए IEA प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि यह ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकट से भी बड़ा हो सकता है।
इस इंटर गवर्नंमेंटल एजेंसी से दुनिया के अधिकांश देश जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि खाड़ी में अभी ऊर्जा के 40 संसाधन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी चीफ ने कहा कि कई देशों में इसका असर दिखने लगा है जो समय के साथ और गंभीर हो सकता है। ऐसे में जल्द से जल्द इस युद्ध को रोकने की अपील की जा रही है।
उन्होेंने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों मेें आए उछाल से निपटने के लिए एशिया और यूरोप के देशों के साथ परामर्श किया जा रहा है।
अगर स्थिति और बिगड़ती है तो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सदस्य देशों के रणनीतिक तेल भंडार से और तेल जारी किया जा सकता है।
बता दें कि IEA ने बीते 11 मार्च को सदस्य देशों के साथ सहमति बनाकर रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल अपने रणनीतिक भंडार से जारी करने का फैसला लिया था। यह कुल भंडार का लगभग 20% था।

