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रूस पर ट्रंप की नरमी से फ्रांस नाखुश, राष्ट्रपति मैक्रों बोले- ‘यूक्रेन से हमारा ध्यान कम नहीं होना चाहिए’

फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुल मैक्रों (credit - rawpixel)

  • जी-7 सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने सदस्य देशों से कहा।

नई दिल्ली |

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर युद्ध के बाद गहराए वैश्विक तेल संकट को लेकर रूसी तेल से प्रतिबंधों में नरमी दी गई है। अमेरिका के इस कदम को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति ने असहमति जतायी है।

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में पैदा हुई स्थिति का हवाला देकर रूस पर लगे प्रतिबंध हटाना ग़लत है। ऐसा उन्होंने जी-7 देशों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंस के बाद कहा। गौरतलब है इस साल जी-7 सम्मेलन की अध्यक्षता फ्रांस कर रहा है।

मैक्रों ने कहा,

“ईरान की स्थिति के कारण यूक्रेन पर हमारा ध्यान, यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर हमारी स्पष्टता कम नहीं होनी चाहिए।”

हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि भारत जैसे देश समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल ख़रीद सके।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर फ्रांस की चिंता है कि कहीं ईरान युद्ध शुरू होने के बाद रूस को अमेरिका की ओर से यह रियायत देने से यूक्रेन युद्ध में उसकी स्थिति और मजबूत न हो जाए।

G-7 देश तेल की आवाजाही को दे सकते हैं सुरक्षा

G7 देशों के नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जहाजों को एस्कॉर्ट (सुरक्षा काफिले) देने के विकल्प की जांच करने पर सहमति जताई है।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि जहाजों को सैन्य या नौसैनिक एस्कॉर्ट प्रदान करने का प्रस्ताव शामिल है ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से तेल और अन्य सामानों की आवाजाही बिना रुकावट हो सके।
 मैक्रों ने जी-7 बैठक में यह भी कहा कि यह ज़रूरी है कि सभी देश मिलकर समन्वय से काम करें, ताकि होर्मुज़ स्ट्रेट में आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जा सके।
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