नई दिल्ली | नेपाल में नई सरकार बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी शनिवार सुबह (28 march) हुई है।
दोनों नेताओं को पिछले साल हुए Gen-Z प्रोटेस्ट के दौरान लापरवाही बरतने के लिए गिरफ्तार किया गया है, जिससे हालात बिगड़ गए थे।
दरअसल, एक दिन पहले यानी 27 मार्च को बालेन शाह ने पीएम पद की शपथ ली और पहली कैबिनेट बैठक में उन्होंने जेन-ज़ी आंदोलन को लेकर हुई एक जांच रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया।
PM बालेन शाह ने पहली कैबिनेट में अपनाई जांच रिपोर्ट।
पूर्व जज गौरी कार्की की अध्यक्षता वाली जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि “पूर्व पीएम व गृह मंत्री पर लापरवाही का केस चलाया जाए। अगर ये नेता खुफिया इनपुट पर सही कदम उठाते तो कई लोगों की जान बच सकती थी।”
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि दोनों को इस मामले में 10 साल तक की सजा हो सकती है।
ओली की गिरफ्तारी के बाद उनकी पार्टी CPN-UMLके कार्यकर्ताओं ने काठमांडू में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। (तस्वीर – facebook/JokesNepal.SC)
बता दें कि पिछले साल हुए युवाओं के देश व्यापी प्रदर्शनों (Gen-Z Protest) में 77 लोगों की मौत हो गई थी और अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
पुलिस के अनुसार, ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, रमेश लेखक को सुबह करीब 5 बजे सूर्य विनायक से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान काठमांडू घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और पुलिस की कई टीमों को तैनात किया गया।
दोनों नेताओं को गिरफ्तारी के बाद मेडिकल के लिए ले जाया गया है।

