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गोपालगंज (बिहार) : रोज़ 2 km चलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं पैरों से विकलांग छात्रा, वीडियो वायरल हुआ तो मदद को उठे हाथ

सोनी कुमारी

गोपालगंज | आलोक कुमार

बिहार में किसी भी मामले का वीडियो वायरल होने के बाद ही ऐक्शन होना अब एक चलन बन गया है। उससे पहले न तो प्रशासन और न ही समाज के जिम्मेदार लोग किसी भी मामले में स्वत: संज्ञान ले रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला गोपालगंज में सामने आया, जब दोनों पैरों से विकलांग एक छात्रा के दो किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचने का वीडियो वायरल होने लगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जब यह वीडियो वायरल हुआ, तो अलीपुर विधायक व लोकगायिका मैथिली ठाकुर, ऐक्टर सोनू सूद, कवि कुमार विश्वास समेत कई लोगों ने मदद को लिए हाथ बढ़ाया है।

दूसरी ओर, जिला प्रशासन की ओर से भी विकलांग छात्रा को जल्द मदद पहुंचाने की बात सामने आई है।

गोपालगंज के भोरे प्रखंड के रामनगर गांव में 15 साल की सोनी कुमारी अपनी मां गुलाइची देवी के साथ रहती हैं। उनके पिता नंदकिशोर राम का टीबी की बीमारी के चलते तब देहांत हो गया था जब वे मात्र एक साल की थीं।

घर की स्थिति अच्छी न होने के बाद भी मां गुलाइची देवी अपनी विशेष शारीरिक चुनौतियों वाली बेटी सोनी को पढ़ा रही हैं। पर वे कहती हैं कि उन्हें अब तक सरकार से कोई मदद नहीं मिली। एक ट्राई साइकिल तक नहीं दी गई ताकि बेटी को पैदल स्कूल न जाना पड़े।

सोनी की मां गुलाइची देवी दूसरों के खेतों में मजदूरी करके अपनी दो बेटियों का पेट पालती हैं। मां बताती हैं कि छोटी बेटी सोनी को पढ़ने की बहुत ललक है पर गरीबी और उसके ठीक से न चल पाने के कारण वह पढ़ नहीं पाई। लेकिन दो साल पहले काम के सिलसिले में वे पड़ोसी गांव राजघाट गईं जहां एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल अरुण कुमार मिले। वहां उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए उनसे मदद मांगी।

मां बताती हैं कि सोनी की पढ़ाई के प्रति लगन को देखकर प्रिंसिपल अरुण कुमार ने उसे निःशुल्क दाखिला दे दिया। तभी से सोनी रोजाना अपने घर से करीब दो किलोमीटर दूर राजघाट गांव के निजी स्कूल पैदल जाती हैं। अभी वो कक्षा एक में पढ़ती है।

सोनी का सपना पढ़-लिखकर डॉक्टर बनने का है ताकि वे अपने जैसे शारीरिक चुनौती वाले लोगों की मदद कर सके।

बिहार में बीस साल से नीतीश कुमार की सरकार है जिसने बेटियों की पढ़ाई के लिए उल्लेखनीय काम किया है, फिर भी सोनी जैसी कई बेटियां अब भी गरीबी और प्रशासन की अनदेखी के चलते पढ़ाई से महरूम हैं जबकि प्राथमिक शिक्षा बच्चों का अधिकार है। यह सरकार, उसके विकलांगता कल्याण विभाग व प्राथमिक शिक्षा विभाग पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब वीडियो वायरल होने के बाद देखना होगा कि सोनी को कब तक ट्राई साइकिल व अन्य सुविधाएं मिल पाती हैं ताकि वे पढ़कर अपना सपना साकार कर सके।

 

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