गोपालगंज | आलोक कुमार
बिहार के गोपालगंज जिले में सिधवलिया प्रखंड की अंचलाधिकारी (सीओ) प्रीति लता की एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है।
जिसके बाद जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के निर्देश पर सीओ के खिलाफ सिधवलिया थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
डीएम ने 10 अप्रैल को मीडिया के सामने बयान जारी करके बताया कि “सीओ प्रीति लता फोन पर जिले के एक कुख्यात अपराधी व भूमिया के साथ साठगांठ कर रही हैं।” डीएम ने कहा कि सीओ सरकारी जमीन का बंदर-बांट करते हुए भूमिया को सरकारी कार्रवाई से बचाने का आश्वासन दे रही थीं।
डीएम पवन कुमार सिन्हा ने इस मामले पर कहा कि “किसी सरकारी पदाधिकारी का इस तरह एक फरार अपराधी से संपर्क में होना अत्यंत गंभीर है।”
सीओ के ऊपर केस दर्ज करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई भी किए जाने की बात कही है।
वायरल ऑडियो में क्या है जिसपर हुआ ऐक्शन?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोन रिकॉर्डिंग में एक पुरुष व एक महिला के बीच बातचीत है। महिला खुद को सीओ सिधवलिया बता रही है, जबकि फोन कॉल में मौजूद पुरुष की पहचान स्पष्ट नहीं है। बोलते पन्ने इस ऑडियो को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं कर सकता है।
कॉल में हुई बातचीत इस प्रकार है —
महिला – “नमस्कार”
पुरुष न पहचानने के अंदाज में – ‘हेलो..हेलो’।
महिला कहती हैं- “हम बोल रहे हैं, सीओ सिधवलिया।”
पुरुष कहता है.. “ओह नमस्ते मैडम, बोला जाए।”
महिला – “क्या नंबर सेव नहीं है?”
पुरुष – “फोन जेब में था..नाम देख नहीं पाए।”
महिला – “अच्छा सुनिए, उस मैटर पर एडीएम ऑर्डर कर दिये कि सीओ पर विभागीय कार्रवाई की जाए। वही वाले मैटर पर … कि जमीन क्यों खाली नहीं करा रही है। ”
पुरुष सिर्फ अच्छा कहकर बात सुनता है।
महिला – “तो तत्काल आनन-फानन में हर रेकमेंड करके आंगनवाड़ी बनवा देते हैं। आंगनवाड़ी के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है। पूरा जमीन नहीं लेंगे उसमें, पूरा जमीन बचा रहेगा। समझ गए?”
पुरुष – “अरे बचा दीजिए, हम एडीएम साहब से मिल लेते हैं, एडीएम साहब से प्रेशर नहीं आएगा..”
महिला (बात काटते हुए) – “एडीएम सर का प्रेशर कैसे नहीं आएगा, एडीएम सर का ऑर्डर आ गया है! भेजें हम व्हाट्सऐप पर? रुकिए हम भेजते हैं। …. पता नहीं वो मेरे खिलाफ क्यों आ रहे हैं। आप वहां जाइएगा वो जरूर सोचेंगे कि मैं ही भिजवाई हूं। समझ रहे हैं बात को?”
पुरुष – “अच्छा, ओह।”
महिला – “वो दो बार मेरे खिलाफ कार्रवाई का लिख चुके हैं, आज तक मेरे जीवन में ऐसा नहीं हुआ। (भावुक होते हुए) पहली बार हो रहा है भई, एक स्पष्टीकरण नहीं आया था आज तक मेरे ऊपर। ”
पुरुष – “ओह, अच्छा मैडम चिंता नहीं करिए। अच्छा हम परवीन पांडेय को बताते हैं।”

