- पूर्णिया में बेमौसम बारिश व आंधी से फसल बर्बाद।
- करीब ढाई सौ एकड़ में लगी मक्का व सब्जियां नष्ट हुईं।
- मौसम की बढ़ती अनिश्चितता ने किसानों पर बोझ बढ़ाया।
पूर्णिया | पंकज नायक
मार्च के मध्य में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने देशभर के मौसम का मिजाज बदल दिया है, इसका असर सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ रहा है।
बिहार के पूर्णिया में मौसम के अचानक बदले स्वरूप ने किसानों पर भारी मार डाली है। पूर्णिया जिले में पिछले दिनों आई तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने सैकड़ों एकड़ फसलें तबाह कर दीं।
सदभेली पंचायत के सर्रा बथनाहा गांव में किसानों की लाखों रुपये की फसल एक रात में नष्ट हो गई। पंचायत के उप मुखिया इमरान ने बताया कि करीब ढाई सौ एकड़ में लगी मक्का, आलू, मिर्च और हरी सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
सबसे ज्यादा नुकसान मक्का की फसल का हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रति बीघा औसतन 1 लाख रुपये की फसल थी, जिससे कुल नुकसान 5 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है।
महिला किसान अंजुम आरा ने बताया कि उन्होंने 7 बीघा जमीन पर लाखों रुपये कर्ज लेकर मक्का लगाया था। यह फसल उनके परिवार की मुख्य आय का स्रोत थी। अब सब कुछ बर्बाद हो चुका है।
अंजुम के परिवार में 7 सदस्य हैं और वे पूरी तरह खेती पर निर्भर थे।
वार्ड नंबर 1 के किसान सलीमउद्दीन ने कहा कि उनके 6 एकड़ में लगी मक्का की फसल पूरी तरह उजड़ गई। उन्होंने कर्ज लेकर बीज और खाद खरीदा था।
अब कर्ज चुकाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। इन जैसे सैकड़ों किसान अब सरकार से उचित मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उप मुखिया इमरान ने बताया कि उन्होंने सलाहकार को बुलाकर पूरा नुकसान दिखाया है और रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है।
यह घटना पूर्वी भारत में मौसम की अनिश्चितता और किसानों की बढ़ती परेशानियों को फिर से उजागर करती है। किसान अब मुआवजे और राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

