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अब खुद दर्ज करें अपनी जनगणना, जानें पोर्टल पर स्व-गणना का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

एआई निर्मित प्रतीकात्मक तस्वीर (क्रेडिट - जेमिनी)

एआई निर्मित प्रतीकात्मक तस्वीर (क्रेडिट - जेमिनी)

नई दिल्ली | भारत में 15 साल के अंतराल पर नई जनगणना शुरू हो चुकी है। इस बार जनगणना पूरी डिजिटल तरीके से होगी। आप खुद जनगणना पोर्टल पर जाकर स्मार्ट फोन की मदद से अपनी जनगणना स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया मई में शुरू होगी जबकि बिहार में 17 अप्रैल से इसकी शुरुआत हो चुकी है। इसके तरीके को चरण वार ढंग से समझिए।

इस तरह खुलेगा स्व जनगणना का फॉर्म (क्रेडिट – se.census.gov.in)

इस तरह करें स्व-गणना

क्या स्व-गणना अनिवार्य है?

जनगणना के पहले चरण में स्वगणना करायी जा रही है जो एक वैकल्पिक व्यवस्था है। यह गणना में लगने वाले आम नागरिक व सरकार के समय को बचाएगी।

साथ ही इस तरीके से आपके डेटा की सटीकता (Accuracy) भी सुनिश्चित होगी क्योंकि आप स्वयं इसको भरेंगे। डिजिटल जनगणना का यह डेटा भविष्य में ‘परिसीमन’ और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में आधार बनेगा।

स्वगणना में देनी होंगी ये जानकारियां

स्व जनगणना के पोर्टल पर ये प्रमुख जानकारियां मांगी गई हैं।

दूसरे चरण में घर-घर जाकर गणना होगी

जनगणना के दूसरे चरण में जनगणना कर्मी घर-घर जाकर गणना करेेंगे। इसमें वे आपके द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी को भी वेरिफाई करेंगे। साथ ही, अगर स्वगणना के दौरान आपसे कोई त्रुटि हो गई है तो उसे भी सुधार दिया जाएगा।

जनगणना का निजी डेटा रहता है गोपनीय   

गौरतलब है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत आम लोगों का निजी डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। इसका इस्तेमाल किसी अदालती कार्यवाही या सरकारी सत्यापन आदि के लिए नहीं किया जा सकता।

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