- इजरायल-अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के प्राइमरी स्कूल में सभी बच्चियों की मौत हो गई।
नई दिल्ली |
इजरायल और अमेरिका ने मिलकर बीते 1 मार्च को ईरान के एक गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर मिसाइल हमला किया, जिसमें 165 बच्चियों की मौत हो गई।
इन बच्चियों का अंतिम संस्कार करने के लिए ईरान के मीनाव शहर में सामूहिक कब्रें बनाई जा रही हैं, जिसकी तस्वीर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्वीट करके दुनिया के सामने रखी। इन बच्चियों की उम्र 7 से 12 साल थी जो इजरायल-अमेरिका के एकतरफा हमले की भेंट चढ़ गईं हैं।
मीनाव शहर में सामूहिक कब्रें बनाई जा रही हैं जिसमें बच्चियां दफनाई जाएंगी, इसे ईरानी विदेश मंत्री ने ट्वीट किया है।
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने इन तस्वीरों के साथ ट्वीट किया-
“ये उन 160 से अधिक मासूम लड़कियों की कब्रें हैं, जो अमेरिका-इजरायल की बमबारी में एक प्राथमिक स्कूल पर हमले में मारी गईं। उनके शरीर टुकड़ों में बिखर गए थे। ट्रंप जिस बचाव का वादा करते आए हैं, वह असल में ऐसा दिखता है। गाजा से मीनाब तक, मासूमों की निर्दयीयता से हत्या हो रही है।”
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (IRNA) ने बताया है कि सभी 165 स्कूली बच्चियों के लिए जनाजे की नमाज पढ़ी गई और उन्हें दफन करने की तैयारी चल रही है। जनाजे की नमाज का मंजर बहुत उदास और आंसुओं से भरा रहा। बड़ी संख्या में लोग बच्चियों के लिए प्रार्थना करते दिखे।
कुछ जगहों पर लोग ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें लेकर शांति और न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए। स्थानीय प्रॉसिक्यूटर के हवाले से कहा कि स्कूल को सीधे निशाना बनाया गया था। ईरानी अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय शोक का प्रतीक बताया है।
बता दें कि 28 फरवरी को ईरान पर इजरायल अमेरिका ने हमले किए जिसमें इसके सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या हो गई। इस हमले की भारत सरकार ने निंदा नहीं की है, जिसको लेकर दुनियाभर में चर्चा है। भारतीय विपक्षी दल कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी ने इसे जिम्मेदारी से बचना कहा है।

