नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ‘मध्य पूर्व में चल रही जंग’ पर सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत के सामने भी ‘अप्रत्याशित चुनौतियां’ हैं और इसका सामने देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही एकजुट रहकर करना होगा।
पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि यह तनाव खत्म होना चाहिए, बातचीत से ही समस्या का समाधान निकलेगा।
पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा।
पीएम ने कहा- ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। ईरान से भारत लौटने वाले भारतीयों की संख्या करीब एक हजार है और इसमें 700 मेडिकल विद्यार्थी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है। इस संकट को तीन हफ्तों से अधिक हो रहा है। इस जंग से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है।

