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रूसी तेल खरीदने के लिए भारत को मिली 30 दिन की ‘छूट’, जानिए छूट के पीछे ट्रंप का मकसद

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे संयुक्त नौसेना अभ्यास के दौरान रूस का जहाज ( credit - X/Russian Embassy in South Africa)

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे संयुक्त नौसेना अभ्यास के दौरान रूस का जहाज ( credit - X/Russian Embassy in South Africa)

  • अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा है- 1 महीने की छूट से रूस को लाभ नहीं होगा पर ईरान पर दवाब बढ़ेगा।

नई दिल्ली | अमेरिका ने 6 मार्च को भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है। यह उन रूसी तेल जहाजों पर लागू है जो पहले से समुद्र में फंसे हैं।

अमेरिका का कहना है कि भारत को दी गई इस अस्थायी छूट के जरिए रुस को बहुत फायदा नहीं होगा लेकिन ईरान पर दवाब बढ़ेगा जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ट्वीट किया है कि

”यह छूट जानबूझकर बहुत कम अवधि के लिए दी गई है, इसलिए इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह केवल उन तेल सौदों की अनुमति देता है जो पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल से जुड़े हैं।”

गौरतलब है कि रूसी तेल की खरीद को लेकर ट्रंप भारत से नाराज थे और पिछले साल भारत पर 25% पैनल्टी लगायी थी।

इस साल की शुरूआत में अमेरिका ने यह कहते हुए पैनाल्टी खत्म कर दी थी कि भारत ने रूस तेल खरीद बंद कर दी है। अब अमेरिका ने रूसी तेल खरीद में भारत को ‘छूट’ का ऐलान करके चौंका दिया है।

अमेरिकी वित्त मंत्री ने ट्वीट करके यह भी   कहा है कि ”भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और हमें पूरी उम्मीद है कि भारत अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा।”

गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ प्रभावित है, जहां से 20% वैश्विक तेल गुजरता है।

 

 

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