नई दिल्ली |
बीते कई महीनों से आप नेता व सांसद राज्यसभा में जनता से जुड़े लेकिन गैर-राजनीतिक मुद्दे उठा रहे थे।
डोर स्टेप डिलीवरी करने वालों की चुनौतियां, महंगे मोबाइल रिचार्ज प्लान, टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों आदि मुद्दे उठाकर राघव चड्डा सोशल मीडिया पर छा गए।
अब इसी मुद्दे पर आप पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में आप के डिप्टी लीडर के पद से हटाने की मांग की है। साथ ही यह पद सुनील मित्तल को देने की अपील की है।
दरअसल, दो अप्रैल को आप पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को इस बाबत पत्र लिखा, जिसमें यह भी कहा गया है कि राघव चड्ढा को ‘आप’ के कोटा से बोलने का समय न दिया जाए।
राघव चड्डा ने एक वीडियो बयान जारी करके अपनी पार्टी पर आरोप लगाया है कि “उन्हें आम आदमी के मुद्दे उठाने से राज्यसभा में खामोश करवाया गया है।”
उधर, आप पार्टी की नेता व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी शर्मा ने भी वीडियो बयान में राघव पर बीजेपी से डरने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि जब आप ने राज्यसभा में राघव को एलपीजी मुद्दे पर बोलने के लिए कहा तो वे चुप रहे।
साथ ही आतिशी ने आरोप लगाया कि “जब अरविंद केजरीवाल गिरफ़्तार हुए, सभी नेता सड़कों पर थे तो राघव लंदन क्यों भाग गए थे?”

