नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने पांच अरब देशों द्वारा की गई मुआवजे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि “अपनी जमीन हमारे दुश्मनों को देने वाले ये देश हमें युद्ध की क्षतिपूर्ति दें।”
यह जानकारी ईरान के आधिकारिक अंग्रेजी समाचार चैनल प्रेस टीवी (Press TV) के हवाले से सामने आई है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरावानी ने यूएन महासचिव और सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में बहरीन, सऊदी अरब, कतर, यूएई और जॉर्डन के दावों को अनुचित बताया।
ईरान ने आरोप लगाया कि इन देशों ने अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य ठिकानों को अमेरिका और इजराइल के लिए खोलकर ईरान के खिलाफ हमलों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
राजदूत इरावानी ने पत्र में स्पष्ट किया कि “अरब देश किसी मुआवजे के हकदार नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने हमलावर ताकतों का साथ दिया है।”
साथ ही, उन्होंने इस बात को दोहराया कि “इन पांच देशों को ईरान के लिए पूर्ण हर्जाने (reparation) की व्यवस्था करनी चाहिए।”
वहीं, ईरान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत केवल ‘आत्मरक्षा के अधिकार’ का प्रयोग कर रहा है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी और सैन्य उकसावा जारी रहा तो वह क्षेत्र के बंदरगाहों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा।
