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होर्मुज़ में ईरान की लगाई बारूदी सुरंगों के लिए अमेरिका ने उतारे आत्मघाती रोबोट

होर्मुज स्ट्रेट के समुद्री क्षेत्र में इस तरह की सुरंगें ईरान की IRGC ने लगाई हैं ताकि वे इस क्षेत्र में अपना नियंत्रण रखकर अमेरिका-इज़रायली हमलों के खिलाफ दवाब बना सके।

होर्मुज स्ट्रेट के समुद्री क्षेत्र में इस तरह की सुरंगें ईरान की IRGC ने लगाई हैं ताकि वे इस क्षेत्र में अपना नियंत्रण रखकर अमेरिका-इज़रायली हमलों के खिलाफ दवाब बना सके।

नई दिल्ली | युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज़ को हथियार बनाने के लिए इसके समुद्री रास्ते में सुरंगें बिछाईं। अब इन्हें निकलने के लिए अमेरिका ने रोबोट तैनात किए हैं। इससे पहले वह नौसेना की मदद ले चुका है।

इस पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि समुद्री सुरंगों को हटाने की कोशिश उकसावे की कार्रवाई मानी जाएगी।

ईरानी नौसेना ने छोटी नाव व मछली के जाल के जरिए भी तीन तरीके की सुरंगें बिछाईं। इसमें सतह के ठीक नीचे, समुद्र की तलहटी पर और लहरों के साथ बहने वाली सुरंगें भी शामिल हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा है कि स्थिति इतनी अराजक है कि ईरान को खुद अपनी बिछाई माइन्स की सटीक लोकेशन नहीं पता है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, अमेरिकी हेलीकॉप्टर लेजर सिस्टम से समुद्री सतह को स्कैन कर रहे हैं। गहरे पानी में सोनार ड्रोन के जरिए इन माइन्स की मैपिंग की जा रही है।

साथ ही, अमेरिका ऐसे ‘आत्मघाती रोबोट’ (SeaFox) का उपयोग कर रहा है जो इन माइन्स की पहचान कर उनके पास जाकर खुद को धमाके से उड़ा देते हैं।

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