- ASI आजाद सिंह और SI प्रीति कुमारी को लाइन हाजिर किया जा चुका है।
- दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिससे तनाव फैला।
नवादा|
बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में शनिवार (4 अक्टूबर, 2025) को दुर्गा पूजा मेला के दौरान हुए बवाल और 18 वर्षीय सूरज कुमार की तालाब में डूबने से हुई मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा पुलिस की लाठीचार्ज को मौत का कारण बताने के बाद गोविंदपुर थाने का घेराव और हिंसक प्रदर्शन हुआ था।
इस मामले में अब गोविंदपुर थानाध्यक्ष बलबीर कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले लाठीचार्ज के आरोपी ASI आजाद सिंह और SI प्रीति कुमारी को लाइन हाजिर किया जा चुका है।
बवाल की फुटेज के आधार पर 200 अज्ञात पर FIR
एसडीपीओ गुलशन कुमार के नेतृत्व में घटना की बिंदुवार जांच जारी है। वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई है। 8 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। SP धीमान ने कहा कि लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
IG ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद लिया ऐक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को मगध रेंज के आईजी छत्रनील सिंह और नवादा एसपी अभिनव धीमान ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
जांच में लापरवाही के आरोप में ASI आजाद सिंह और SI प्रीति कुमारी को तुरंत लाइन हाजिर कर दिया गया।
रविवार रात को एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर गोविंदपुर थानाध्यक्ष बलबीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया।
डीएसपी गुलशन कुमार ने बताया कि निलंबन का कारण थानाध्यक्ष की कार्यशैली और पूर्व की घटनाओं में उनकी संदिग्ध भूमिका है।
विशेष रूप से 25 सितंबर को दर्शन नाला बार्डर पर पुलिस पर हुए हमले और थाने के घेराव में उनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं।
झगड़े में पुलिस लाठीचार्ज हुआ, बचकर भागा युवक तालाब में डूबा
4 अक्टूबर को गोविंदपुर में दुर्गा पूजा मेला के दौरान बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई के दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में सूरज कुमार तालाब में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता विनोद राजवंशी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की लाठीचार्ज के कारण सूरज की मौत हुई और पुलिस ने डूबते समय उसकी मदद नहीं की। शव मिलने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने गोविंदपुर चौक और बाजार में टायर जलाकर सड़क जाम कर दी।
इस दौरान 1 घंटे तक इलाका रणक्षेत्र बना रहा, जिसमें 6 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए, पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं, और पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

