- रोहतास जिले का मामला, एक सप्ताह पहले पति की लिंचिंग हुई।
- जहर खाने के बाद पत्नी व उसके दो बच्चों की हालत गंभीर है।
- तीनों वाराणसी रेफर, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा।
सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव
बिहार में एक युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला गया। लिंचिंग की इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ लेकिन पुलिस अब तक सभी आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है।
इस घटना के छह दिन बाद युवक की पत्नी ने अपने दो छोटे बच्चों को दूध में मिलाकर जहर देकर खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की है।
सदर अस्पताल के मुताबिक, इस दर्दनाक घटना में महिला की हालत गंभीर है जिसे यूपी के वाराणसी के लिए रेफर किया गया है। जबकि दोनों बच्चों की हालत स्थिर बतायी गई है।
रोहतास जिले के सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बाराडीह गांव में बीते 24 मार्च को लिंचिंग की घटना हुई थी।
हसन रज़ा खा उर्फ आतिक खान के साथ छह हमलावरों ने बर्बरतापूर्ण ढंग से मारपीट की।
एक ही समुदाय के हमलावरों ने हसन रज़ा को रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटते हुए लाठी-डंडों से पीटा और फिर अधमरा हो जाने पर गाड़ी से ले जाकर एक सून-सान इलाके में फेंककर भाग गए थे। डायल 112 को स्थानीय लोगों ने जब सूचना दी तो उन्हें पुलिस ने सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां हसन रज़ा की मौत हो गई थी।
इस घटना में शामिल रहे दो वयस्क व एक नाबालिग को ही पुलिस अब तक गिरफ्तार कर पाई है, बाकी तीन की गिरफ्तारी नहीं हुई।
इस पूरे मामले से हसन रज़ा की पत्नी रेशमा खातून सदमे में हैं। उनकी मां रजिया बेगम ने बताया कि बेटी रेशमा में सोमवार की शाम को अपने बच्चों के साथ घर के ही कमरे में जहर खा लिया। दोनों बच्चों के नाम तैयबा खातून और हमजद हैं। काफी देर तक जब रेशमा कमरे से बाहर नहीं निकलीं और बच्चों की आवाजें नहीं आईं तो सबको अनहोनी का शक हुआ।
बड़ी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा खोला गया। परिजनों ने रेशमा को दोनों बच्चों के साथ अचेत पाया और उनके मुंह से झाग निकल रहे थे। इसके बाद रजिया बेगम अन्य परिजनों के साथ अपनी बेटी व नाती-नातिन को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचीं।
रेशमा की मां रजिया बेगम ने बताया कि उनकी बेटी अपने पति की बर्बरता से हुई हत्या के वीडियो देखने के बाद से गहरे सदमे में थी और किसी से ढंग से बातचीत नहीं कर रही थी।
उन्होंने पुलिस पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए कहा कि
“अगर मेरे दामाद के हत्यारों के खिलाफ पुलिस समय पर कड़ी कार्रवाई करती तो शायद आज मेरी बेटी इस तरह बच्चों के साथ जिंदगी खत्म करने की कोशिश न करती।”
