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मुंगेर में वैक्सीन लगने के बाद बच्ची की मौत: परिजनों का हंगामा, मौके पर पहुंची WHO-UNICEF की टीम

बच्ची की मौत

मुंगेर | प्रशांत कुमार सिंह

बिहार के मुंगेर जिले में डेढ़ महीने की एक बच्ची की वैक्सीन लगने के बाद मौत होने का गंभीर मामला सामने आया है। बच्ची की मौत रात में सोने के दौरान हो गई, जिसका पता लगने पर परिवार वालो ने जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग, विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ की टीम भी वहां पहुंची। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच में बच्ची की मौत दम घुटने से होना पाया गया है, उन्होंने वैक्सीन के चलते मौत की संभावना से इनकार किया है।

घटना के बारे में जानकारी देती नवजात बच्ची की मां

मां बोली- ‘दूध पिलाकर सुलाया, सुबह शरीर ठंडा था’

यह पूरा मामला मुंगेर के हवेली खड़गपुर ब्लॉक का है। यहां के गोबड्डा पंचायत के वार्ड नंबर 9 के शिवपुर लौंगाय तांती टोला में गुरुवार सुबह कोहराम मच गया। मृत बच्ची के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए वैक्सीन को मौत का कारण बताते हुए जमकर हंगामा किया। घटना के बाद पूरे टोले में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतक बच्ची की मां ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद उनकी बेटी को बुखार आया था, रात में उन्होंने उसे दूध पिलाकर रोज की तरह सुला दिया पर वो सुबह नहीं उठी। सुबह उसके शरीर में जब कोई हलचल नहीं थी तो अतिरिक्त स्वास्थ केंद्र लड़ुई ले गए जहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।

11 बच्चों को लगी थी वैक्सीन, एक की मौत

यहां के कार्तिक तांती की लगभग डेढ़ माह की बेटी सरस्वती कुमारी को पेंटावैलेंट वैक्सीन लगाई गई थी। एएनएम शीला शबनम ने यहां के कुल 11 बच्चों को यह टीका लगाया। परिवार का कहना है कि टीका लगने के बाद वे बच्ची को घर ले गए और रात में दूध पिलाकर सुला दिया। गुरुवार की सुबह जब बच्ची नहीं जगी तो परिजनों ने हिला-डुलाकर देखा, जैसे ही उन्हें पता लगा कि बच्ची में जान नहीं है, गुस्साए परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।

जांच के लिए पहुंची हेल्थ डिपार्टमेंट, WHO व Unicef की टीम।

जांच के लिए पहुंची संयुक्त टीम ने क्या बोला?

घटना की सूचना पर मुंगेर स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्य टीम पीड़ित के घर पहुंची। इस टीम में खड़गपुर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार के अलावा डब्ल्यूएचओ व यूनिसेफ की संयुक्त जांच पहुंची।

जांच के बाद हवेली प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि 11 बच्चों को टीका लगा था और इनमें से दस की हालत एकदम ठीक है। उन्होंने कहा-

“बच्ची की मौत वैक्सीन से नहीं, बल्कि दम घुटने की वजह से हुई है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद देर रात बच्ची की मां ने उसे दूध पिलाया और ढंककर सुला दिया था। संभवतः दूध पीने के बाद डकार न आने और गलत स्थिति में सुलाने के कारण बच्ची का दम घुट गया, जिससे उसकी मौत हो गई।”

क्या है पेंटावैलेंट वैक्सीन (Pentavalent Vaccine)

यह एक संयुक्त टीका है जो शिशुओं को 5 जानलेवा बीमारियों (डिप्थीरिया, टेटनस, काली खांसी (पर्टुसिस), हेपेटाइटिस बी और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी) से एकसाथ सुरक्षा प्रदान करता है। यह भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है और आमतौर पर 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में तीन खुराकों के रूप में दिया जाता है।

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