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म्यांमार में तख्तापलट के 5 साल बाद सेना ने बुलाया संसद सत्र

म्यांमार में सैन्य शासक ने तख्तापलट के बाद पहली बार संसद का सत्र बुलाया है।

नई दिल्ली | पड़ोसी देश म्यांमार में तख्तापलट के पांच साल बाद सेना ने आज (15 मार्च) संसद की बैठक बुलाई है। इसके साथ ही म्यांमार में सैन्य शासन का नया राजनीतिक दौर शुरू होने जा रहा है। 
इससे पहले दिसंबर और जनवरी में चरणबद्ध आम चुनाव कराए गए थे, लेकिन इन चुनावों में प्रमुख विपक्षी दल शामिल नहीं हुए। नई संसद में सेना व उसके सहयोगी दलों का 90% सीटों पर कब्जा है।

म्यांमार की संसद

यह संसद सत्र म्यांमार की सैन्य सरकार के वास्तविक शासक जनरल मिन आंग ह्लाइंग की अध्यक्षता में होगा, जिसमें नई सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।
संभावना है कि इसमें सैन्य शासक मिन आंग ह्लाइंग को देश का राष्ट्रपति या सर्वोच्च शासक बनाया जा सकता है।
बता दें कि म्यांमार में 2020 में हुए आम चुनाव को सेना ने रद्द करके फरवरी-2021 में तख्तापलट कर दिया था, जिसके बाद से यहां सैन्य शासन है और बड़े स्तर पर गृह युद्ध भी जारी है। 

2021 में हुए तख्तापलट के बाद म्यांमार में बड़े स्तर पर लोकतंत्र को बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए।

तब के बाद से पहली बार इतने बड़े स्तर संसद सत्र आयोजित हो रहा है।

इस संसद सत्र के दौरान नए संविधान संशोधन और चुनाव आयोग की नियुक्ति पर चर्चा होनी है।

म्यांमार में जारी सिविल डिसओबिडियंस मूवमेंट (CDM) और पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) ने इस संसद को फर्जी और सेना का नाटक करार दिया है।

 

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