- नवादा जिला व सत्र न्यायाधीश की अचानक मौत हुई।
- सरकारी आवास में अचेत मिली, पोस्टमार्टम हो रहा।
- शारीरिक रूप से स्वस्थ थीं, मौत के कारण स्पष्ट नहीं।
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नवादा | अमन कुमार
नवादा सिविल कोर्ट की जिला व सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनीराज का आकस्मिक निधन हो गया है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। दिवंगत न्यायाधीश के सरकारी आवास पर FSL की टीम पहुंचकर जांच कर रही है। उनके निधन से न्यायिक और प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर है। 53 साल की जिला व सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनीराज 6 जनवरी की सुबह अपने सरकारी आवास पर अचेत मिली। केयर टेकर उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए जहां मृत घोषित किया गया। जज शिल्पी सोनीराज अविवाहित थीं और उनका परिवार भोजपुर जिले में रहता है।
बता दें कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District and Sessions Judge) किसी जिले का सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी होता है, जो दीवानी (Civil) और आपराधिक (Criminal) दोनों मामलों की सुनवाई करता है।
सरकारी वकील ने निधन की पुष्टि की
जिले के सरकारी वकील (Public Prosecutor) मनोज कुमार ने न्यायाधीश के निधन की पुष्टि की, लेकिन मौत के सटीक कारणों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। एसपी अभिनव धीमान ने मौत के कारणों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
उन्होंने मीडिया से कहा कि जज के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, ये दोनों रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा। उन्होंने District व Sessions Judge के सरकारी आवास के केयर टेकर के हवाले से बताया कि जज शिल्पी सोनीराज रात में चाय पीकर अपने कमरे में सोने गई थीं, सुबह करीब साढ़े पांच बजे उन्हें अचेत पाया गया।
सूचना पर पहुंचा जिला प्रशासन
बता दें कि District व Sessions Judge के निधन की सूचना मिलते ही नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश, पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान, एसडीओ अमित अनुराग और डीएसपी हुलास कुमार सहित कई अधिकारी और न्यायाधीश अस्पताल पहुंच गए थे।
एक टूर्नामेंट में की थी सार्वजनिक मौजूदगी
जिला न्यायाधीश शिल्पी सोनीराज बीती 25 जनवरी को आयोजित एक फ्रेंडली क्रिकेट टूर्नामेंट में सार्वजनिक रूप से मौजूद रही थीं। उन्हें जानने वाले लोग बताते हैं कि वे काफी स्वस्थ थीं इसलिए उनके असमय हुए देहांत पर न्यायिक प्रशासन से जुड़े लोग अचंभित हैं। गुरुवार को जिला अदालत परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।

