- नवादा में बीते 12 दिनों मेें हाथी के कुचलने से दो मौतें।
- गोविंदपुर प्रखंड में गेहूं काट रही महिला की कुचलने से मौत।
- झारखंड से नवादा के जंगलों में आ गए हाथियों से भय व्याप्त।
नवादा | अमन सिन्हा
नवादा में हाथियों व स्थानीय लोगों के बीच का संघर्ष बढ़ता जा रहा है। 8 अप्रैल (बुधवार) की सुबह हाथियों का झुंड गोविंदपुर प्रखंड के गांव में जा पहुंचा। इस दौरान खेत में काम कर रही एक बुजुर्ग महिला किसान की कुचलने से मौत हो गई, जबकि उनका बेटा हाथियों के झुंड से खुद को बचाने में सफल रहा।
नवादा में हाथियों के झुंड के चलते स्थानीय लोगों में भय है।
बीते 12 दिनों में यह नवादा में हाथी-मानव संघर्ष के चलते दूसरी मौत है। इससे पहले 25 मार्च को रजौली प्रखंड में एक युवक की मौत हुई थी। गौरतलब है कि सीमावर्ती झारखंड के जंगलों से करीब 26 हाथियों का झुंड नवादा के जंगलों में विचरण कर रहा है। घटते वनक्षेत्र के चलते ये हाथी भोजन की तलाश में गांवों की तरफ बढ़ आते हैं जिससे घटनाएं हो रही हैं।
अस्पताल ले जाने पर महिला किसान को मृत घोषित कर दिया गया। खेत में कटाई करते समय कुचलने से हुई मौत।
हाथियों के झुंड का बुधवार को शिकार हुई महिला की पहचान मुन्ना देवी (55) के रूप में हुई है। वह गोविंदपुर प्रखंड के माधोपुर गांव की रहने वाली थीं।
ड्रोन से निगरानी फिर अलर्ट क्यों नहीं भेजा?
हालिया घटना पर वन विभाग की ओर से इस बारे में कोई बयान सामने नहीं आया है। लेकिन 25 मार्च को हुई मौत के बाद जिला वन विभाग की ओर से कहा गया था कि ड्रोन के जरिए हाथियों के मूवमेंट पर नज़र रखी जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर वाकई वन विभाग सक्रिय है तो उसकी ओर से ग्रामीणों को अलर्ट क्यों नहीं भेजा गया?
खेत में आ गए हाथियों के झुंड से मौत
मृतका के बेटे रतन प्रसाद यादव
मृतका के बेटे शिव रतन प्रसाद यादव ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि खेत में उनकी मां कटाई कर रही थीं, तभी अचानक करीब 26 हाथियों का झुंड खेत की ओर आ गया। उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत बुलाया, वे मां को बचाने के लिए दौड़े तो हाथी उनकी ओर बढ़ने लगा। उन्होंने बताया कि हाथी ने उनकी मां को सूड़ से उठाकर फेंका, उनकी नज़रों के सामने मां की मौत हो गई। पीड़ित शिव रतन ने वन विभाग से मुआवज़े की मांग की है।
पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े परिजन।
बता दें, इसी तरह 25 मार्च को हाथियों के झुंड के कुचलने से रजौली प्रखंड के सूअरलेटी गांव में सनोज भुइया (30) की मौत हो गई थी। साथ ही, हाथियों के झुंड के हमले में इसी गांव की तीन भैंसों की भी मौत हो गई थी।
बचाव के लिए इसका ध्यान रखें
वन विभाग के मुताबिक, अगर हाथी या हाथियों का झुंड आसपास दिखे तो फोन से वीडियो न बनाएं, उन्हें पत्थर न मारें और शोर न मचाएं। इससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

