नई दिल्ली |
साल 2026 के पहले दिन के अखबारों के बारे में जानना रोचक है। हिन्दी के अखबारोें ने नए साल के जश्न और साल की शुरुआत पॉजिटिव खबरों के साथ करने की कोशिश की है, जबकि अंग्रेजी के अखबारों ने किसी भी खबर को जबरन न्यू ईयर फ्लेवर देने की कोशिश नहीं की है।
द इंडियन एक्सप्रेस के एक जनवरी 2026 के एडिशन पर नजर डालने पर हम पाते हैं
द हिन्दू के एक जनवरी 2026 के एडिशन में भी हार्ड खबरें प्राथमिकता से प्रकाशित हैं, हालांकि नए साल के जश्न का एक बड़ा फोटो लगाया है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया के एक जनवरी 2026 के एडिशन में मास्टहेड (Masthead) को नए साल के हिसाब से सजाया गया है।
हिन्दी के अखबार दैनिक भास्कर ने नए साल के हिसाब से ज्योतिष और अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से इस साल को सूर्य का वर्ष बताया है, आम पाठक इस लॉजिक को वेरिफाई नहीं कर सकता, डिजायनिंग के हिसाब से यह पन्ना हिन्दी के पाठकों को लुभाने वाला लगता है।
अमर उजाला का पहला पन्ना भी नए साल पर आधारित है, इसमें मौसम से जोड़कर नए साल के जश्न की खबर को लीड लगाया है। मास्टहेड भी सजाया गया है।
दैनिक हिन्दुस्तान में ठीक यही पैटर्न दिखता है, इसमें भी अधिकांश खबरें नए साल से जोड़कर बनी हैं। पेज की पूरी डिजायनिंग नए साल को लेकर बनाई गई है।
दैनिक जागरण ने भी नए साल पर पॉजिटिव खबरों के साथ शुरुआत की है, मास्टहेड भी सजाया है।
