नई दिल्ली | पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे व जदयू से महीनेभर पहले जुड़े निशांत कुमार आगामी तीन मई से बिहार की यात्रा पर निकलेंगे।
इस बात के संकेत जदयू कार्यालय में बीते रविवार को हुए एक कार्यक्रम के दौरान मिले हैं। अपने पिता नीतीश कुमार की तरह ही निशांत कुमार राज्यव्यापी यात्रा करने जा रहे हैं। इसे पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकेत माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस यात्रा के लिए तैयार किए गए एक खास वाहन को ‘निश्चय रथ’ नाम दिया गया है।
निशांत कुमार के ऊपर जदयू को एकजुट रखने की जिम्मेदारी आ गई है। (तस्वीर – X/Nishantjdu)
निश्चय रथ ..नाम के खास मायने
इस नाम का महत्व इसलिए खास है क्याेंकि नीतीश कुमार विकसित बिहार की अपनी पांच साला योजना को ‘सात निश्चय’ नाम से प्रचारित करते रहे हैं। नवंबर-25 में जब वे फिर से जीतकर आए तो ‘सात निश्चय-3’ को लागू किया। CM पद से इस्तीफा देते समय भी नीतीश कुमार ने कहा था कि नई सरकार ‘सात निश्चय-3’ पर ही आगे बढ़ेगी।
निशांत को ‘जमीनी नेता’ बनाने की तैयारी
निशांत कुमार की पब्लिक इमेज को शालीन व जमीन से जुड़ा बताया जाता रहा है। हाल में जब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई NDA सरकार बनी तो चर्चा रही कि निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा लेकिन कहा जाता है कि उन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया और उनकी पार्टी के दो अनुभवी नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया गया।
इससे संकेत मिले कि निशांत कुमार पहले जमीनी स्तर पर काम करके पहले पार्टी का चेहरा बनना चाहते हैं जो राजनीतिक विशेषज्ञों को उनके पिता नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले के बाद कमज़ोर नज़र आ रही है।
निशांत को लेकर पार्टी वर्कर में उत्साह
रविवार को भामा शाह जयंती के अवसर पर जब निशांत कुमार जदयू कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे तो उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया। इस दौरान कार्यालय ‘जय नीतीश’ और ‘जय निशांत’ के नारे लगे।
पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि निशांत की सक्रियता से कार्यकर्ताओं में उत्साह है और उनके प्रचार के लिए एक विशेष गीत भी तैयार किया गया है।
राजनीतिक जानकार यह भी मानते हैं कि 3 मई से शुरू हो रही निशांत कुमार की बिहार यात्रा उनका ‘पॉलिटिकल लॉन्च’ भी हो सकती है।

