नई दिल्ली | लद्दाख के लोकप्रिय क्लामेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA को हटाकर उन्हें नजरबंदी से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।
गृह मंत्रालय ने यह फैसला लेते हुए कहा है कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए वह प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षकारों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद संभव हो सके। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए और उचित विचार-विमर्श के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की नजरबंदी को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है।
14 मार्च को गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, सोनम वांगचुक ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है।
बता दें कि राजस्थान की जोधपुर जेल में सोनम वांगचुक 170 दिनों से बंद हैं। उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. अंगमो ने वांगचुक की हिरासत को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी।
पिछले साल लद्दाख में चल रहे धरने के बीच 24 सितंबर को हिंसा भड़क गई थी, जिसे भड़काने का आरोप सोनम वांगचुक पर लगाया गया था। फिर उन्हें देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताकर NSA के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया था। लेह हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षकारों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद संभव हो सके।

