जहानाबाद |
बिहार में ट्रेन से सफर कर रही एक गर्भवती को लेबर पेन के दौरान सिस्टम के सरकारी पन का सामना करना पड़ा, इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अभी पूरा तंत्र महिलाओं को पब्लिक स्पेस में सुरक्षा और जरूरी सेवा पहुंचाने में बहुत पीछे है।
दरअसल, 01 जनवरी की रात 11:50 बजे जहानाबाद के ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना मिली की एक ट्रेन (गाड़ी संख्या 63269 अप) में महिला यात्री की डिलीवरी हो गई है। इस पर एक मेमो भी चिकित्सा पदाधिकारी जहानाबाद सदर अस्पताल के नाम से जारी किया गया।
प्रसूता और उसके नवजात को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए प्लेटफार्म पर कोई महिला कर्मचारी मौजूद नहीं थी। इस पर जीआरपी थाना (रेलवे सुरक्षा बल) के प्रभारी से मदद के लिए एक महिला आरक्षी की मांग की गई। रेलवे के प्रेसनोट में कहा गया है कि प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद एक भी महिला आरक्षी देने से थाना प्रभारी ने इनकार कर दिया।
आखिर में उसी कोच में यात्रा कर रहीं महिला यात्रियों की मदद से प्रसूता को गाड़ी से उतारकर एक टेंपो में बैठाया गया। इस तरह प्रसूता व नवजात को उसके पति के साथ टेंपो से जहानाबाद सदर अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर प्रसूता को देखरेख के लिए भर्ती कर लिया गया है।
प्रसूता का नाम रंजती कुमारी (25 वर्ष) है जो नवादा जिले के बीसियाइत थाने के मेषकोर ब्लॉक के पसारही गांव की रहने वाली हैं। महिला व उनके पति गगन कुमार के पास मोबाइल नहीं था।

