नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में अमेरिका व इज़रायल के ईरान से जारी युद्ध का एक महीना पूरा होते ही 28 मार्च को यह और फैल गया है।
यमन के हूती विद्रोही इस युद्ध में कूद गए हैं और उन्होंने इज़रायल के ऊपर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। इजरायल ने कहा है कि उसने मिसाइल इंटरसेप्ट कर ली है।
साथ ही, हूती सेना के प्रवक्ता ने वीडियो बयान के जरिए युद्ध में शामिल होने की घोषणा की है।
प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि वह लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हमला करेगा। यह ईरान का समर्थन प्राप्त शिया आतंकी समूह माना जाता है।
हूतियों की मौजूदगी लाल सागर (Red Sea) के मुहाने पर है, जहाँ से दुनिया का 12% व्यापार गुजरता है।
यमन में संकरे समुद्री रास्ते पर हूतियों का प्रभाव है, वे यहां पहले भी हमले करते रहे हैं। मैप में ईरान के पास के संकरे समुद्री रास्ते (लाल घेरे में होर्मुज स्ट्रेट) को भी देखा जा सकता है।
साथ ही, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने के बाद से सऊदी जैसे देश पाइप के रास्ते अपना तेल लाकर लाल सागर के तट पर जहाजों के जरिए दुनिया को सप्लाई कर रहे हैं।
अगर यहां हमले शुरू हो गए तो नया संकट खड़ा हो जाएगा।
बता देें कि ठीक एक महीने पहले 28 फरवरी को इज़रायल व अमेरिका ने चौंकाते हुए ईरान के ऊपर संयुक्त हमला किया था। तब से ईरान लगातार इज़रायल व खाड़ी के देशों पर ड्रोन व मिसाइल हमले कर रहा है।
ईरानी हमलों के चलते खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
अब इस युद्ध में हूतियों के शामिल हो जाने से यह इज़रायल के लिए कई मोर्चों पर जारी युद्ध बन गया है।
गौरतलब है कि इजरायल पहले ही गज़ा में हमास से लड़ रहा था। ईरान पर हमले के बाद से वह लेबनान में भी जमीनी कार्रवाई कर रहा है। साथ ही सीरिया में भी वो हमले कर रहा है।
उधर, रूस अपने अपग्रेड ड्रोन ईरान को भेज रहा है जो उसने यूक्रेन के खिलाफ इस्तेमाल किए थे।
यह दावा समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिका व यूरोपीय खुफिया अधिकारियों के हवाले से किया है। जाहिर है कि इससे इज़रायली सेना की चुनौती बढ़ेगी।
दो दिन पहले ही इज़रायली सेना के चीफ डिफेंस स्टाफ चेता चुके हैं कि सैनिकों की भारी कमी और लगातार बढ़ रहे दवाब से सेना अंदर से बिखर सकती है।

